ईलाज से टीबी से मिलेगी मुक्ति : सी0एम0ओ0


11 नवम्बर तक चलेगा सघन टी0बी0 रोग खोजी अभियान, 2018-19 में 2143 टी0वी0 मरीज चिन्हित, अब तक 10 लाख रूपये वितरित किए जा चुके है 


रिपोर्ट : नीलू सिंह/अरूण शुक्ला


ज्ञानपुर/भदोही, (उ0प्र0) : मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ लक्ष्मी सिंह ने कहा कि असाघ्य बीमारी नहीं है टी0बी0 की बीमारी परन्तु लोगों में जागरूकता न होने के कारण इस रोग से लोग घबराते हैं। जबकि इलाज द्वारा टीबी रोग से मुक्ति सम्भव है। उन्होंने बताया कि प्रचार प्रसार के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाये और इसके लक्षण व बचाव के लिये जानकारी दी जाये। उन्होंने कहा कि नगर निगमों में ई-रिक्शा पर लाउडस्पीकर के माध्यम से तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पम्पलेट, होर्डिग्स, बैनर तथा समाचार पत्रों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जाये। सीएमओ ने कहा कि आगामी 2 नवम्बर से 11 नवम्बर तक चलने वाले सघन रोग क्षय रोग खोजी अभियान को कार्य योजना बनाकर जांच करायी जाये और जिन्हे इसका लक्ष्य पाया जाये उसकी जिला अस्पतालों में जांच कराकर नियमित दवाइयों दी जाये ताकि बीमारी को दूर किया जाये। उन्होंने कहा कि जनपद में एक भी कोई ऐसा व्यक्ति नहीं बचना चाहिए जिन्हें टी0बी0 रोग के लक्षण पाया जाये और उसका इलाज शत प्रतिशत किया जाये। उसके उपचार के लिये जिला क्षय रोग अधिकारी को सूचित करेगें। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों के नाम पत्राचार भी करके उनसे अपने गांवों टी0बी0 रोग की खोज के लिये अपील की जाये। इसके अतिरिक्त ईट भटटों, कालीन बुनकरों, खदान प्लांटों सहित स्लम एरिया व पिछले क्षेत्रों में वालन्टियरों को भेजकर अभियान के रूप में सभी मजदूरों की जांच करायी जाये तथा शासन द्वारा अनुमन्य सुविधा उपलब्ध करयी जाये। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों में जागरूकता लायी जाये कि टी0बी0 का इलाज जिला अस्पतालों में निशुल्क हैं टी0बी0 के रोगी कहीं न जाकर जिला अस्पताल में आकर अपना इलाज करायें ताकि उनका सही उपचार हो सके। यह बताया गया कि टी0बी0 मरीज की सूचना देने वालों को 500 रू0 भी प्रदान किया जायेग चाहे वह उसके घर का कोई सदस्य हो या बाहरी।  जिला कार्यक्रम समन्वयक मनीष ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों बैंकों पम्पों आदि सार्वजनिक स्थलों पर वाल पेंटिंग करायी तथा पम्प मालिकों से अनुरोध किया जाये वे अपने पम्पों पर बैनर लगायें।


बैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डा0 एस0पी0 सिंह ने बताया कि 2018-19 में 2143 टी0वी0 मरीजो को चिन्हित किया जा चुका है। जिनको 500 रूपये की दर से लगभग 10 लाख रूपये बांटे जा चुके है। इस रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए इस तरह के अभियान विभाग द्वारा बराबर चलाया जाता है  11 जून तक इस अभियान को सफल बनाने के लिये जनपद में कुल 56 टीमों का गठन किया गया है इसके अलावा 14 सुपरवाइजर  की नियुक्ति की गयी है जिले के समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के एम0ओ0आई0सी0 जोनल सुपरवाइजर होगें जो अपने.अपने क्षेत्रों की निगरानी करने के साथ प्रत्येक सुपरवाइजरों की बैठक प्रत्येक दिन करके रिपोर्ट उपलब्ध करायेगें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विकास खण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एक-एक टी0बी0 जांच यूनिट है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की जांच वहीं पर किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक वर्ष में चार बार टी0बी0 खोज व उसके जांच के लिये शासन स्तर से मोबाइल बैन आया है। जो जिले के अलग.अलग ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टी0बी0 मरीज की जांच करने में सहायक साबित होगे।  


टीबी रोग के मुख्य लक्षण



  • लम्बे समय तक खासी

  • बलगम आना

  • भूख कम लगना

  • शरीर कमजोर हो जाना

  • बार-बार बुखार का आना

  • सांस लेने में परेशानी

  • मुंह से खासी आना


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