सुभाष कामथ बने एएससीआई के नए चेयरमैन


मुंबई : बीबीएच एंड पब्लिसिस वर्ल्डवाइड, इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुभाष कामथ को सर्वसम्मति से एडवरटाइजिंग स्टैण्डर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का चेयरमैन चुना गया है। नए चेयरमैन का चुनाव आज दोपहर हुई बोर्ड बैठक में किया गया जिसके बाद 34वीं वार्षिक आम सभा की गई। श्री कामथ इस उद्योग के वरिष्‍ठ हैं और उन्होंने विभिन्न सेक्टर्स के ब्राण्ड्स को बनाने में 32 वर्ष से ज्यादा समय व्यतीत किया है। 


इसी बैठक में केचम संपर्क प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर एन.एस. राजन को वाइस-चेयरमैन चुना गया और मीडियाब्राण्ड्स इंडिया प्रा. लि. के सीईओ शशिधर सिन्हा को दोबारा मानद कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। 


बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में यह लोग शामिल हैं- आईएसडब्ल्यूएआई के को-चेयरमैन एवं बोर्ड मेम्बर अबंती शंकरनारायणन, आदित्य बिरला मैनेजमेन्ट कॉर्पोरेशन प्रा. लि. के ग्रुप एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेन्ट डी. शिवकुमार, दैनिक भास्कर ग्रुप के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लि. के डायरेक्टर हरीश भट, निहिलेंट लि. के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर (ग्लोबल) के. वी. श्रीधर, प्रोक्टर एंड गैम्बल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लि. के सीईओ मधुसुदन गोपालन, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्‍स इंडिया प्रा. लि. में नेटवर्क सेल्स और इंटरनेशनल बिजनेस के प्रेसिडेन्ट रोहित गुप्ता, आईएफआईएम बिजनेस स्कूल में सेंटर फॉर डेवलपमेन्टल एज्युकेशन के प्रोफेसर एस. के. पालेकर, हिन्दुस्तान यूनिलीवर लि. में ब्यूटी एंड पर्सनल केयर की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रिया नायर, नील्‍सन (इंडिया) प्रा. लि. में दक्षिण एशिया के प्रेसिडेन्ट प्रसून बासु, बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लि. के प्रेसिडेन्ट रेवेन्यू शिवकुमार सुंदरम, टैपरूट इंडिया कम्यु. प्रा. लि. के सीईओ उमेश श्रीखण्डे। 


नये चेयरमैन सुभाष कामथ ने कहा, ‘‘एएससीआई के चेयरमैन का पद पाना सचमुच सुखद है। मैंने दस वर्षों तक बोर्ड की सेवा की और मुझे उद्योग के बहुत वरिष्ठ और अनुभवी लीडर्स के साथ काम करने और सीखने का अवसर मिला। इससे भी महत्वपूर्ण, मैंने आत्म-विनियमन का महत्व जाना और विगत वर्षों में एएससीआई द्वारा किये गये काम का सुदूर प्रभाव भी पता चला। आज हमारा उद्योग एक महत्वपूर्ण दौर में है। डिजिटल क्रांति से ब्राण्ड मैसेजिंग और उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव प्रभावित हो रहा है और एडवरटाइजिंग तेजी से बदल रही है। हाल ही में सरकार द्वारा सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी के गठन के साथ उपभोक्ता का भरोसा और विश्वास बढ़ाने में स्व-विनियमन ज्यादा महत्वपूर्ण होगा। जैसा कि मैने हमेशा कहा है, रचनात्मकता की शक्ति जिम्मेदारी भी देती है। मैं एएससीआई की टीम के साथ निकटता से काम करुंगा, ताकि इस पद पर मुझसे पहले काम कर चुके लोगों के अच्छे काम को आगे बढ़ा सकूं और कुछ भविष्य-केन्द्रित नई पहलों को शुरू कर सकूं।’’


एएससीआई में अपने काम की एक साल की अवधि को याद करते हुए निवर्तमान चेयरमैन रोहित गुप्ता ने कहा, ‘‘मैं अपने सभी सहकर्मियों, एएससीआई के मेम्बर्स और उन सभी को धन्यवाद देता हूँ, जो इस उत्कृष्ट यात्रा का हिस्सा रहे हैं। मुझे खुशी है कि मुझे ऐसे निकाय को चलाने का अवसर मिला, जिसने विज्ञापन उद्योग में महत्वपूर्ण बदलावों का नेतृत्व किया है। यह साल एएससीआई के लिये सबसे ज्यादा घटनाओं वाला रहा, क्योंकि हमने कई चुनौतियों का सामना किया। महामारी के बाद कई भ्रामक विज्ञापन आये, जिनका तत्काल निपटारा किया गया। आयुष मंत्रालय कोविड-19 की रोकथाम और उपचार के भ्रामक विज्ञापनों पर मदद के लिये आगे आया। हमने भ्रामक दावों पर 3000 डिजिटल पोर्टल्स की निगरानी के लिये टीएएम के साथ साइन अप भी किया। हमने अपने द्वारा निर्धारित तीनों लक्ष्यों की सफल प्राप्ति की। ये लक्ष्य हैं-अपना उपभोक्ता आधार बढ़ाना, डिजिटल स्पेस की निगरानी और सरकारी निकायों के साथ निकटता से काम करना। मैं श्री कामथ और बोर्ड को शुभकामनाएं देता हूँ।’’


पिछले एक साल से, एएससीआई की स्वतंत्र कंज्यूमर कम्पलेंट्स काउंसिल की 45 बैठकें हुई और उन्होंने 3773 विज्ञापनों से सम्बंधित शिकायतों पर विचार किया। 


2126 विज्ञापनों की शिकायतों को सही पाया गया (जो साल 2018-19 में 1486 थीं) जबकि 298 शिकायतों को सही नहीं पाया गया क्योंकि जिन विज्ञापनों पर सवाल उठाये गये थे, वे एएससीआई की संहिता के विरुद्ध नहीं थे। 


192 विज्ञापनों को प्रथमदृष्टया द ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स (शेड्यूल जे) या द ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (डीएमआर) एक्ट का उल्लंघन करते पाया गया। उन्हें तुरंत आयुष मंत्रालय या स्वास्थ्य मंत्रालय को विचार के लिये भेजा गया 


कई मामलों में, आयुष के प्रांतीय अधिकारियों, एफडीए या सेंट्रल काउंसिल फॉर इंडियन मेडिसिन ने एडवरटाइजर्स को कारण बताओ नोटिस दिया।


बैठक का समापन हॉकिंस कुकर्स के नॉन-एक्जीक्यूटिव चेयरमैन और एएससीआई के प्रथम चेयरमैन ब्रह्म वासुदेवा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ, जिनका निधन जुलाई में हुआ था। विज्ञापन में स्व-विनियमन और एएससीआई के लिये उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया। 


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