स्पॉट गोल्ड की कीमतों को नुकसान पहुंचाते हुए डॉलर की मजबूती ने बेस मेटल्स को सपोर्ट किया


मुंबई : अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने बेस मेटल्स की कीमतों को सपोर्ट करते हुए स्पॉट गोल्ड की कीमतों में गिरावट को वजह दी। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी एवीपी प्रथमेश माल्या ने बताया के  डॉलर की मजबूती आगे चलकर पीली धातु और औद्योगिक धातु की कीमतों को कम कर सकती है। तूफान सैली अमेरिकी खाड़ी से टकराया और इससे तेल उत्पादन प्रभावित हुआ। क्रूड ऑयल को बढ़त मिली। हालांकि, क्रूड की कमजोर मांग के कारण कीमतों में गिरावट आई।


सोना: मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से स्पॉट गोल्ड मामूली रूप से 0.04% की गिरावट के साथ 1955.5 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। हालांकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कठोर रुख की उम्मीदों ने पीली धातु की मांग को बढ़ाया। ब्रेक्जिट डील से जुड़ी चिंता ने गोल्ड का समर्थन किया। यूरोपीय संघ ने इस महीने के अंत तक इंटरनल मार्केट बिल को वापस लेने की मांग की है, जिस पर हाउस ऑफ कॉमन्स में मतदान होना है।


अमेरिकी कांग्रेस और व्हाइट हाउस के वार्ताकारों के बीच डील पर उम्मीद के बीच कम ब्याज दर के माहौल और आर्थिक सुधार की उम्मीद से निवेशकों ने सेफ हैवन यानी गोल्ड की ओर रुख किया। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतों में और गिरावट हो सकती है।


क्रूड ऑयल: यू.एस. ऑयल कैपेसिटी से तूफान के टकराने के बाद डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.74% बढ़कर 38.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तूफान सैली के कारण अमेरिकी ऑफशोर ऑयल फेसिलिटी का पांचवां हिस्सा बंद हो गया।


तेल की कीमतों पर लीबिया में लॉकडाउन के कई महीनों बाद कमांडर खलीफा हफ्तर के आदेश पर ऑयल फेसिलिटी खोलने का भी असर दिखा। ऐसा माना जा रहा है कि लीबिया का तेल उत्पादन ग्लोबल क्रूड मार्केट में लाखों बीपीडी को जोड़ देगा।


ओपेक 17 सितंबर को अपने सहयोगियों से मिलने वाला है ताकि ग्लोबल ऑयल मार्केट की मौजूदा परिस्थिति पर चर्चा कर सके। ओपेक ने बताया कि दुनियाभर में तेल की मांग 2020 में 9.46 मिलियन बीपीडी गिरने की संभावना है।


बेस मेटल्स: अमेरिकी डॉलर में रिकवरी के कारण एलएमई बेस मेटल्स पॉजिटिव रहा। यू.एस. और चीन की औद्योगिक गतिविधियों की मजबूत ने बेस मेटल्स के नुकसान को सीमित किया।


अगस्त 2020 में चीन की बिक्री और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि ने आर्थिक सुधार का संकेत दिया। नेशनल स्टेटिस्टिक्स ब्यूरो के अनुसार, चीन का औद्योगिक उत्पादन 5.6% बढ़ा। देश का प्रायमरी एल्युमीनियम आउटपुट अगस्त में 2.3% बढ़ा।


चीन में दिए गए नए लोन ने भी औद्योगिक धातु की कीमतों को सपोर्ट दिया। अर्थव्यवस्था में रिवाइवल को सपोर्ट करने के लिए लोन डिस्बर्समेंट बढ़ाया गया है। अगस्त में स्वीकृत ऋण जुलाई 2020 की तुलना में 29% अधिक थे।


कॉपर: एलएमई कॉपर डॉलर की मजबूती और वृद्धि की संभावना न होने से 0.5% की गिरावट के साथ 6761.5 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ।


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