सेफ हैवन की डिमांड आने वाले समय में कमजोर होने वाली है


- वकार जावेद खान (रिसर्च एनालिस्ट, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड)


2020 की शुरुआत से लेकर अब तक यूएसडी-जेपीवाय जोड़ी ने 1.77 प्रतिशत मूल्य खो दिया है, जबकि जेपीवाय-आईएनआर में लगभग 3.96 प्रतिशत की गिरावट आई है। डॉलर इंडेक्स इसी समय सीमा में 3.87 प्रतिशत तक गिरा है। अगस्त की शुरुआत के बाद से यूएसडी-जेपीवाय जोड़ी का मूल्य 0.22 प्रतिशत बढ़ा है और जेपीएन-आईएनआर ने समान अवधि में 2.74 प्रतिशत की तेजी हासिल की है। जेपीएन-आईएनआर में हाल ही में हुई बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह कोविड-19 रोगियों के लिए नए प्लाज्मा थेरेपी ट्रीटमेंट को यूएस एफडीए से मंजूरी मिलने से वैश्विक निवेशकों में जोखिम को लेकर तैयारी दिखना है।


जापान की जीडीपी 2020 के क्यू2 में 27.8% की गिरावट:


पिछली तिमाही की तुलना करने पर 2020 की दूसरी तिमाही में जापान में अर्थव्यवस्था में 27.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। यह देश की आर्थिक गतिविधियों के रिकॉर्ड में सबसे तेज गिरावट है जो कोरोनावायरस महामारी को रोकने के लिए इमरजेंसी की वजह से रोकी गई आर्थिक गतिविधियों की वजह से हुई है। हालांकि, वायरस के फैलने से पहले ही यूएस-चीन ट्रेड विवादों और पिछले साल बढ़ाए गए कंजम्प्शन टैक्स की वजह से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा था। जब केंद्र सरकार ने अप्रैल में इमरजेंसी घोषित की तो जापानी अर्थव्यवस्था को हुआ नुकसान कई गुना बढ़ गया।


जापान कारों और ऑटो पार्ट्स के लिए प्रमुख एक्सपोर्ट करने वाला देश रहा है। पूरी दुनिया में सख्त लॉकडाउन उपायों की वजह से इन प्रोडक्ट्स की ग्लोबल डिमांड प्रभावित हुई है। इस तिमाही में वस्तुओं और सेवाओं के एक्सपोर्ट के साथ ही विदेशी पर्यटकों के खर्च में भी 18.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है।


जापान में हाल ही में कोरोनावायरस केस में तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिससे पहले से ज्यादा लोग अब घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं और इससे अर्थव्यवस्था में रिकवरी प्रभावित हो रही है। जापान उन देशों में से है जिन्होंने शुरुआत में वायरस को काबू कर लिया था लेकिन जुलाई की शुरुआत से वायरस के केसेस की दूसरी और ज्यादा तेज लहर आई है। तीन अगस्त को जापान में रोज सामने आ रहे केसेसे का पीक 1998 केस के साथ आया ता। तब से देश में रोज ही करीब 1,000 केस सामने आ रहे हैं।


बैंक ऑफ जापान अपनी अल्ट्रा-ईजी मॉनेटरी पॉलिसी कायम रखेगा :


बैंक ऑफ जापान ने अपनी हालिया मीटिंग में चेतावनी दी कि महामारी की वजह से हुए आर्थिक प्रभाव से रिकवरी धीरे-धीरे होगी और इसमें देर भी हो सकती है और महामारी पर काबू करने में कितना वक्त लगता है, इस पर पूरी तरह निर्भर होगी।


बरसों से बहुत ही कम ब्याज दरों पर लोन देने से कमर्शियल बैंक्स को यह डर सता रहा है कि और रेट घटाए तो यह बैकफायर कर सकता है और आगे चलकर बैंकों की लोन देने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। लेकिन बीओजी ने वादा किया है कि वह आगे चलकर भी क्रेडिट सपोर्ट जारी रखेगा क्योंकि बिजनेस को क्रेडिट फ्लो मिलते रहना इस समय सेंट्रल बैंक की मुख्य प्राथमिकता है।


आउटलुक :


यूएस एफडीए की ओर से कोरोनावायरस मरीजों के ट्रीटमेंट को दी जाने वाली मंजूरी पर पूरी दुनिया में रिस्क लेने की भावना निर्भर कर रही है। रिस्क लेने की क्षमता में सुधार के बावजूद वास्तविक आर्थिक सुधार अभी भी कम है क्योंकि दुनियाभर में रोज ही नए केस मिलने की दर कम नहीं हो रही है। साथ ही, भारत ने पिछले कुछ दिनों में रोज ही 80000 से अधिक नए मामलों के साथ अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है।


महामारी के प्रकोप के बीच ही शिंजो आबे ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जापान के प्रधान मंत्री पद को छोड़ने का फैसला किया है। शिंजो आबे जापानी इतिहास में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता थे। शुरुआत में जापान सहित कई देशों ने वायरस से छुटकारा पा लिया था, लेकिन अब उन सभी देशों में नए केस की दूसरी लहर सामने आ रही है और इससे इन देशों के लिए वी-शेप की रिकवरी की उम्मीदों पर असर पड़ रहा है।


वैक्सीन बनाने वालों के हाथों में आर्थिक सुधार और रिस्क लेने की भूख का पेंडुलम आ गया है। जितना जल्दी दुनिया को वैक्सीन मिलेगा, उतनी ही तेजी से ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी हो सकती है। इस वजह से, जेपीवाय-आईएनआर (सीएमपी: 69) के सितंबर 2020 के खत्म होने तक निचले पायदान पर 68 और ऊपरी पायदान पर 70 के आसपास रहने का अनुमान है।


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