'नन्हें कदम -ऊँची उड़ान ' समूह के सौजन्य से आयोजित काव्य गोष्ठी संपन्न


नोएडा : शिक्षक दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के 'नन्हें कदम -ऊँची उड़ान ' समूह के सौजन्य से आयोजित काव्य गोष्ठी में छात्र -छात्राओं ने अपने गुरुजनों के सम्मान में काव्य पाठ कर सभी शिक्षकों को गौरवान्वित क्षणों का अनुभव कराया। कार्यक्रम में अध्यक्ष रूप में जिला, समन्वयक प्रशिक्षण श्री सूर्य प्रकाश राय तथा मुख्य अतिथि श्री वेद प्रकाश गुप्ता उपस्थित रहे। नेपाल से जुड़ीं विशिष्ट अतिथि श्रीमती ऊषा तिवारी ने बच्चों का ख़ूब उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ कवयित्री व समूह संस्थापिका श्रीमती अभिलाषा विनय के मार्गदर्शन में हुआ, कुशल संचालन श्रीमती कविता भटनागर ने किया।


कार्यक्रम का प्रारंभ खोदना खुर्द की प्रधानाध्यापिका श्रीमती कुसुम कौशिक ने सरस्वती वंदना के माध्यम से किया। तत्पश्चात छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।


"शिक्षा की गोद में भविष्य में पलता है, शिक्षक की गोद में उत्थान पलता है। सारा जहां शिक्षक के पीछे ही चलता है।" गोपाल कक्षा - ७ पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेक्टर - १२ नोएडा ने प्रस्तुति कर सभी को भावविभोर कर दिया। "ऐसे मेरे गुरू महान हर लेते सारा अज्ञान।" द्वारा उ0 प्रा0 वि0 वाजिदपुर की छात्रा वर्षा ने श्रेष्ठ प्रस्तुति दी। रिया कश्यप, कक्षा-७, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-१२, ने, "पहले गुरु माता-पिता हैं, दूसरे हैं शिक्षक महान" से सबका मनमोह लिया। "हम जब विद्यालय जाते हैं, मैडम हमको ज्ञान का पाठ पढ़ाती हैं ।" प्रिया चौधरी कक्षा 5 प्रा० वि० गढी चौखण्डी ने सुन्दर पाठ किया। वाजिदपुर विद्यालय से कक्षा-७ की छात्रा वर्षा ने "आपसे ही सीखा आपसे ही जाना" से गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त किया। रिदम पराशर, कक्षा-८, उ0 प्रा0 वि0 वाजिदपुर की छात्रा द्वारा "कभी डाँट कर कभी बात कर अपना प्यार जताते, कभी रोककर कभी टोककर आगे बढ़ना सिखाते" मोहक प्रस्तुति दी गयी। आपसे ही सिखा आपसे ही जाना," द्वारा, अभिषेक, कक्षा-८ ने मोहक प्रस्तुति दी। अंकिता कक्षा -८ पूर्व माध्यमिक विद्यालय,नया बाँस ने "गुरु आपकी अमृतवाणी, हमेशा मुझको याद रहे।" से प्रस्तुति दी। "मैं खींची थी लकीरे आडी टेढ़ी, आपने कदम चलाना सिखा दिया," से काजल शर्मा जूनियर हाई स्कूल गिझौड बिसरख गौतम बुद्ध नगर ने सभी को प्रभावित किया। "मैं शिक्षक हूँ, शिक्षक बनने का अभिमान करना चाहिए, सम्मान करना चाहिए, निष्ठावान बनना चाहिए," इन पंक्तियों से अध्यापिका श्वेता कनौजिया जी ने अत्यन्त प्रभावी प्रस्तुति दी। ऋतु रत्न (स. अ. )पूर्व माध्यमिक विद्यालय होशियार पुर ने "एक दिशा में जाना था


पथ विलुप्त अन्जाना सा" इन पंक्तियों के माध्यम से मोहक प्रस्तुति दी। राखी त्यागी (स. अ.) प्रा.वि. झुण्डपुरा ने एक कविता की प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से अत्यन्त प्रभावी प्रस्तुति की-"एक तालाब किनारे की एक इमारत में लगी आग। "अपने अक्स से जुदा, अपने अक्स से जुदा कई अक्स बना डाले, पत्थर को गढ़ ,पत्थर को गढ़ क्षण क्षण, कई बुत बना डाले" इन पंक्तियों के से माध्यम कंचन बाला जूनियर हाई स्कूल गिझौड गौतम बुद्ध नगर ने श्रोताओं को मुग्ध किया। "भाषाओं के अथाह सागर में हिन्दी वह दीप्त रत्न रही है।" इन पंक्तियों के माध्यम से डाॅ. ममता अवस्थी, स.अ.प्रा.वि. लुहारली, ने अमर उजाला समाचार पत्र के #हिन्दीहैंहम आयोजन पर प्रकाश डाला। "हम वही शिक्षक हैं जो भविष्य के कर्णधारों को बनाते हैं। हम वही शिक्षक हैं जो बच्चों को सही राह दिखाते हैं।।" पंक्तियों से वातावरण को काव्यात्मक बनाया, दीपशिखा (सहायक अध्यापिका) उच्च प्राथमिक विद्यालय छलेरा ने वहीं "बनके दीपक जलो ऐसे, तम कहीं फटक भी न पाए " इन पंक्तियों से प्रस्तुति करते हुए पूर्व माध्यमिक विद्यालय, नया बाँस की अध्यापिका श्रीमती कंचन वर्मा ने कार्यक्रम को उत्साहवर्धक बना दिया। श्रीमती कविता भटनागर( स. अ. ) प्रा. विद्यालय गेझा ने एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से प्रस्तुति दी। वरिष्ठ कवयित्री व संस्थापिका श्रीमती अभिलाषा विनय के काव्य पाठ से गोष्ठी में सभी मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती ऊषा तिवारी ने "गुरु माता-पिता गुरु बन्धु सखा, तेरे चरणों में स्वामी कोटि प्रणाम" कार्यक्रम का वैशिष्ट्य संवर्धन करते हुए प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। 


इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन करते हुए सभी शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने आयोजक समिति का आभार जताया।


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