Mirzapur : कोरोना मरीजों को तलाश रहीं आशा व आशा संगिनी


जिले के 804 गांवों में शुरू हुआ कोरोना के लक्षणों की पहचान


रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा


मीरजापुर, (उ.प्र.) : कोविड 19 के संक्रमण को फैलाने से रोकने तथा जिन व्यक्तियों में संक्रमण का शुरुआती लक्षण है। उनका समय रहते इलाज कर उनके जीवन को सुरक्षित के लिए विभाग अपनी रफ्तार लगातार बढ़ाए हुए है ।


अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अजय ने बताया कि कोरोना के लक्षणों की पहचान के लिए जिलेभर के 804 गांवों में तैनात आशा व आशा संगिनियों की टीम गांव के घर-घर जाकर सभी सदस्यों में बीमारी को लक्षणों का पता लगा रही हैं। इस दौरान यदि किसी में संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें आगे क्या करना चाहिए, इसकी भी सलाह दिया जा रहा है। इस समय जिले में कोरोना के बढ़ते हुए मरीजों को देखते हुए यह विभाग ने निर्णय लिया है। इस समय स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर भी अधिकांश कोरोना पांजिटिव हो चुके है।


डीसीपीएम ओंकार सिंह के अनुसार कोविड-19 से संक्रमित उन मरीजों को संक्रमण से सबसे ज्यादा जोखिम है। जो पहले से किसी भी गंम्भीर बीमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, गुर्दा रोग एवं कैंसर से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों की पहचान कर उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षित टीमों को घर-घर सर्वे के कार्य में लगाया गया है। ये टीमें ऐसे मरीजों को भी चिन्हित करेगी जिनको सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन यानि अपने घर पर ही कुछ जरूरी दवाओं, जांचों और सावधानियों के साथ स्वस्थ्य हो रहे हैं। इसके लिए जिले के आशाओं व आशा संगिनियों की देख रेख में उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा रही है।


सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार के कन्हईपुर गांव में तैनात आशा संगिनी संगीता का कहना है कि कोरोना संक्रमण एक गंभीर मामला है। यह एक नई बीमारी है, इसलिए विश्व में विशेषज्ञों से इसके बारे में अभी खोज जारी है। फिलहाल हमारे पास इस बीमारी से बचाव ही एक मात्र रास्ता है। जरूरी सावधानी अपनाकर हम अपना तथा अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय नाक और मुंह को ढंक कर रखें, लोगों से 2 गज की दूरी बनाए और हाथों को साबुन और पानी से धुलते रहे।


पोलियो की तरह पायेगे कोरोना पर काबू


जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अजय सिंह का कहना है कि अभियान के सफल संचालन के लिए पोलियो की तरह एक टीम में दो आशा व एक आशा संगिनी एवं 10 टीम पर एक सुपरवाइजर रखा गया है। टीम के सभी सदस्यों को बीमारी का लक्षण पता लगाने के लिए प्रशिक्षित पर किया जा चुका है। इस तरह जनपद में कुल 983 टीम माइकोप्लान के तहत घर-घर जाकर सर्वे करने का काम करेगी। टीम के सर्वे के बाद चिन्हित मरीजों को लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच और इलाज के लिए सलाह दी जायेगी। चिकित्सकों के सलाह के आधार पर उनको आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जायेगी।


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