Mirzapur : एम्बुलेस में गूंजी किलकारियां, आशा संगिनी संगीता ने एम्बुलेस में कराया प्रसव


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मीरजापुर, (उ0प्र0) : कोरोना जैसे महामारी के चलते पूरा देश इस महामारी के संकट से जूझ रहा है। वहीं इस संकट के दौर में एंबुलेंस कर्मियों द्वारा कोरोना वाॅरियर्स की भूमिका निभाई जा रही है। अपनी जान को जोखिम में डालकर और कम दायरे में रहकर एम्बुलेंस कर्मचारी उपचाराधीन और गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। 


एम्बुलेंस में कराया प्रसव


जिले के चुनार क्षेत्र के कन्हईपुर गांव की राधिका गर्भवती महिला को अचानक घर पर प्रसव पीड़ा होने लगी। जिस पर उसके घर के परिजनों ने 102 नं0 डायल कर एम्बुलेंस कर्मी रामप्रवेश को सूचित किया। इसके अलावा गांव में तैनात आशा संगिनी को बुलवाया। प्रसव पीड़ित महिला को 102 एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार में भर्ती के लिए ले जाया ही जा रहा था। तभी रास्ते में प्रसव पीड़ा बहुत बढ़ गई। एम्बुलेंस चालक राम प्रवेश ने गर्भवती महिला व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की नाजुक हालत देखकर आनन फानन में आशा संगिनी संगीता की मदद से एम्बुलेंस में ही गर्भवती महिला का उपचार किया और सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसव कराने के बाद नवजात शिशु की हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ते देख आशा संगिनी संगीता ने गर्भववती मां व नवजात शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चुनार में भर्ती कराया। 


जिले में एम्बुलेन्स की स्थिति 


जिले में 102 नम्बर की एम्बुलेन्स 31 मौजूद है व 108 नम्बर की एम्बुलेन्स भी 31 मौजूद है। जो दिन रात कोरोना महामारी के दौरान गर्भवती महिलाओं को चिकित्सालय तक पहुंचाने का कार्य किया हैं। 


5143 कोरोना मरीजों को मिली एम्बुलेंस सुविधा


अपर मुख्य चिकित्साधिकारी /नोडल अधिकारी डा0 अजय ने बताया कि कोरोना काल में 5143 मरीजों को कोरोना काल में एम्बुलेंस की सुविधा प्रदान किया गया। इसके साथ ही कोरोना काल में 243 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सेवाएं प्रदान की जा रही है। सितम्बर माह की शुरूआत में ही 4 गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव एम्बुलेंस कर्मी द्वारा कराया गया है। जिलमें एम्बुलेंस सेवा एक संजीवनी के रूप में साबित हो रही है। 


आशा व आशा संगिनी गर्भवती महिलाओं को कर रही है जागरूक 


डीसीपीएम ओंकार सिंह ने बताया कि आशा व आशा संगिनी अपने डोर-टू-डोर अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल व जांच के बारे में भी विस्तारपूर्वक समझाया जा रहा है और 102 एम्बुलेंस की मूलभूत सुविधाओं के बारे में भी बताने का कार्य किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं को बताया जा रहा है कि यदि किसी भी समय प्रसव पीड़ा होती है तो गांव के आशा व आशा संगिनी के साथ एम्बुलेंस कर्मी को भी सूचित करने का काम करें। जिसका कार्य गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाना होता है। 


ग्राम रामनगर सिकरी निवासी शालू का कहना है कि जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो उसने सबसे पहले 102 नंम्बर एम्बुलेंस को सूचित किया जिसके बाद मात्र 15 मिनट के बाद एम्बुलेंस गर्भवती महिला के घर पहुंची और एम्बुलेन्स के साथ वह अपने घर के नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए रवाना हुई। प्रसव पीड़ा ज्यादा होने पर एम्बुलेंस चालक ने आशा संगिनी की मदद से सुरक्षित प्रसव कराने का काम किया।


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