लागी रे मोहे प्रेम लगन, तेरे प्यार में घूमू होके मगन


- माधुरी मिश्रा


लागी रे मोहे प्रेम लगन।
तेरे प्यार में घूमू होके मगन।।
सुध बुध भी खोई है मैंने।
मैं बन गई रे तेरी जोगन।।

सूझे ना कुछ भी तेरे सिवा।
मांगूं मैं रब से यही दुआ।
तेरे प्यार में हो जाऊं पागल।
तू बांध ले अब मुझसे बन्धन।।

खुशबू बनकर तू मुझमें बसा।
तुझको ढूंढू अब कहां बता।।
हर सांस में मेरी तू शामिल।
तेरा नाम जपे दिल की धड़कन।।

मिलकर तुझसे ये लगता है।
जब जब मुझसे तू मिलता है।।
हो जाऊं कहीं ना तुझसे जुदा।
तू ही तो मेरा जीवन है।।

ये जनम जनम का नाता है।
तुझ बिन कुछ भी ना भाता है।
तेरा साथ जो मुझको मिल जाए।
तुझको ही मांगे मेरा मन।


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