लाभार्थियों के दरवाजे पर पोषण माह के तहत लगाएं गए आंवला व सहजन के पौधे


106720 पोषण किट लाभार्थियों को बंटा


रिपोर्ट : टी.सी.विश्वकर्मा


मीरजापुर, (उ.प्र.) : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जनपद के सभी 2668 आंगनबाड़ी केन्द्रों और कुपोषण व एनीमिया के शिकार लाभार्थियों के दरवाजे पर सहजन और आंवला के पौधे लगाए गये । इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को पोषण किट का भी वितरण किया गया।


जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि लाभाथियों के आंगन में भी हरी सब्जियों के बीज को रोपित किया गया। कुपोषण को हराने के लिए तीन रंग के खाद्य पदार्थो को रोजमर्रा के खाने में शामिल करने पर जोर दिया गया। जिले में वर्तमान समय के 2668 केन्द्रों का संचालन किया जा रहा हैं। जिले में करीब 6896 कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चें चिन्हित किये जा चुके हैं। इसके अलावा जिले में लगभग 2200 से ज्यादा किशोरियां है जो एनीमिया की शिकार हैं। पोषण माह के चलते जिले के सभी केन्द्रों और लाभार्थियों के दरवाजे पर घर के नजदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ताओं द्वारा आंवला व सहजन के पौधे लगाए जा रहे है।


बाल विकास परियोजना अधिकार विमलेश ने बताया कि कुछ लाभार्थियों के आंगन में हरी सब्जियों] लौकी] पालक व भिण्डी जैसी सब्जी के बीजों को रोपित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने लाभार्थियों को कुपोषण से मुक्ति के लिए तीन रंगो के खाद्य पदार्थो सफेद] पीला और हरे को अपने खाने में में शामिल करने का परामर्श दिया।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन सिंह ने लाभार्थियों को समझाते हुए बताया कि सफेद रंग में चावल व दूध] पीले रंग में दालें] पके हुए मौसमी फल और हरे रंग में सब्जियां हैं। यदि इसका प्रतिदिन प्रयोग किया जाए तो कुपोषण व एनीमिया से मुक्ति मिल सकती हैं।


वंचित बच्चो को पोषण किट का वितरण


जिले में विभाग की ओर से मंगलवार को पत्थर खनन में काम करने वाले मजदूरों समेत विकास खण्ड मड़िहान स्थित ग्राम मानिकपुर और हिनौता में स्कूल न जाने वाले 158 बच्चों को पोषण युक्त पोषण किट का भी वितरण किया गया। वितरण के समय उपस्थित समाजिक कार्यकर्ता राजकुमार पाल ने बताया कि कोरोना वायरस जैसी महामारी के दौरान सबसे अधिक बच्चें प्रभावित हुए हैं। इनको स्वास्थ्य लाभ दिलाने में जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का महत्वूर्ण सहयोग रहा है। यह पोषण किट बच्चो को इम्यून सिस्टम को बढ़ाने में सहयोग करेगा।


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