कोरोना माहमारी पर लगभग विजय प्राप्त करने में सामाजिक संस्थाओं ने अहम योगदान निभाया है : सैयद हासिम


मुंबई : कोरोना माहमारी जहां वैश्विक लाईलाज जानलेवा बीमारी से पूरी दुनिया जीवन के लिये संघर्ष कर रही थी। वहीं देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई महानगरी में उद्योग पतियों, पूंजीपतियों ने भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके मुंबई करी जनता के लिये किसी देव दूत की तरह सहयोग को सामने आये। उन्हीं में से मुंबई की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी उद्यमियों के कंधे से कंधा मिला कर लॉक डाउन के 5 महीनों से घरों में बंद जनता को भूखे होने पर उन्हें पेट भरने के लिये खाने के डिब्बों से लगाकर राशन सामग्री तेल, आटा, चावल, चायपत्ती, शक्कर, गरम मसाला सहित टूथपेस्ट तक उपलब्ध करवाया। जिससे जरूरत मंद जनता के घरों तक पहुंचाने का काम अगर किसी ने किया है तो वो है सामाजिक संस्था।


मुंबई कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक विभाग ईशान्य मुंबई कांग्रेस पार्टी अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष व ग्रेट फाउंडेशन के अध्यक्ष सैयद हासिम के अनुसार ऐसे समय पर जरूरत मंद जनता के मदद के लिये आगे आये, जब मुंबई करी जनता घरों में बीमार अवस्था मे जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। ग्रेट फाउंडेशन के अध्यक्ष सैयद हासिम के अनुसार हमारे संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा घर घर खाने के डिब्बों का वितरण करने के साथ बीमार मरीजों को अस्पताल तक अपने संस्था वाहनों से पहुंचाने का काम कर लोगो की जिंदगी बचाने का सौभाग्य खाना वितरण करने के कारण मिला। जिसके कारण आज हमारे कार्यकर्ताओ को कितने गरीबों की दुवाएं लगी है। सच कहें तो मनपा कर्मी डॉक्टर, नर्स, पुलिस समेत मुंबई के सामाजिक संस्थायें और उनके कार्यकर्ता सबसे बड़े कोरोना योद्धाओं से कम नहीं है। चूंकि बीमारी की दहशत और खौफ इतना ज्यादा हुआ करता था पांच महीने पूर्व की लोग अपने निकट जानो की लाशों, कोरोना संक्रमितों के पास जाने से डरते थे, परंतु सामाजिक संस्था के कार्यकर्ताओं अन्य कोरोना योद्धाओं की तर्ज पर अपनी जान की बाजी लगाकर कभी पीछे नहीं हटे, तब जाकर मुंबई से कोरोना माहमारी को भगाने में सफलता प्राप्त हो रही है राज्य सरकार को।


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