कार्डियक एम्बुलेंस न मिलने और इलाज में देरी से हुई कोरोना ग्रस्त टीवी पत्रकार की मौत, पुणे के पालकमंत्री ने दिया जांच का आदेश


रिपोर्ट : प्रमोद कुमा


पुणे : समय पर इलाज और एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण पुणे में एक कोरोना ग्रस्त टीवी पत्रकार का बुधवार के तड़के देहांत हो गया। पांडुरंग रायकर (42) का जुकाम और बुखार के चलते टेस्ट किया गया था। 28 अगस्त को उनके कोरोनाग्रस्त रहने की पुष्टि हुई थी। इस दौरान वे अपने पैतृक घर अहमदनगर में थे। यहां सांस लेने में दिक्कत के बाद उन्हें एम्बुलेंस द्वारा पुणे लाया गया। पुणे में वे लगातार हॉस्पिटल के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें किसी ने भर्ती नहीं किया। आखिरकार उन्हें एक जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में एक बेड मिला। मगर मंगलवार को उनकी तबियत बिगड़ी और बुधवार के तड़के उन्होंने दम तोड़ दिया।


पुणे जैसे शहर में एक वरिष्ठ पत्रकार को एंबुलेंस और अस्पताल में बेड न मिलने के चलते अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, इस खबर से न केवल पुणे जिले बल्कि पूरे राज्य में खलबली मच गई है। पत्रकार रायकर की बहन ने मीडिया के साथ की गई बातचीत में आरोप लगाया कि उन्हें कार्डियक एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक साधारण एम्बुलेंस में अहमदनगर से पुणे लाना पड़ा और इलाज में देरी हुई। कई अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद जंबो अस्थाई कोविड हॉस्पिटल में बेड तो मिल गया मगर सही इलाज नहीं मिल सका जिसके चलते पत्रकार पांडुरंग रायकर की मृत्यु हुई है। उनकी बहन ने यह भी कहा, यहां डॉक्टरों को प्रशिक्षित नहीं किया गया है। सरकार ने करोड़ों की कीमत वाले केंद्र बनाए. लेकिन मरीजों को हॉस्पिटल तक शिफ्ट करने के लिए कार्डियक एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं की गई, इस कारण पांडुरंग की मृत्यु हो गई।


मूल रूप से अहमदनगर जिले के रहने वाले 42 वर्षीय पांडुरंग रायकर, अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, पुत्र और पुत्री को इस दुनिया में छोड़ कर चले गए हैं। रायकर पिछले कई साल से एक मराठी न्यूज चैनल के लिए काम कर रहे थे। उनके निधन के बाद भाजपा नेता भाजपा नेता नीतेश राणे ने महाविकास अघाड़ी सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि-पुणे में पत्रकार का मर्डर हुआ ? महाराष्ट्र सरकार की ढिलाई की वजह से उन्होंने अपनी जान गंवा दी! कोरोना के इस काल में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। इस कोविड केंद्र का उद्घाटन करने वाले सीएम उद्धव ठाकरे इस्तीफा देकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करें।


पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पांडुरंग के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस संबंध में चर्चा करने की बात कही है। फडणवीस ने ट्विटर लिखा-कोरोना के कारण पुणे से पांडुरंग रायकर का आकस्मिक निधन बेहद दर्दनाक है। उन्हें मेरी हार्दिक श्रद्धांजलि! हम परिवार और रिश्तेदारों के दुःख में शामिल हैं। इस मामले में उपमुख्यमंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने जांच का आदेश दे दिया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने भी इस मामले में जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए है।इस बीच पुणे मनपा ने खुलासा किया है कि कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में बने अस्थाई जंबो अस्पताल में केवल 30 आईसीयू बेड ही बचे हैं। इस हॉस्पिटल का निर्माण गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए अस्थाई रूप से किया गया था। यहां 600 ऑक्सीजन बेड और 200 आईसीयू बेड थे। ये सभी लगभग फुल होने की कगार पर हैं। इसके अलावा यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी भारी कमी है। इसलिए अब नए मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है।


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