जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों व उपकेन्द्रों पर मनाया गया गर्भनिरोधक दिवस


रिपोर्ट : नीलू सिंह/अरूण शुक्ला


ज्ञानपुर/भदोही, (उ0प्र0) : जिला चिकित्सालय समेत 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों  पर गर्भनिरोधक दिवस मनाया गया। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भ निरोधकों के स्टाॅल लगाए गए और दम्पत्यिों को बास्केट आॅफ च्वाइस के जरिये अपना पंसदीदा गर्भनिरोधक चुनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। 


इस अवसर पर अयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी / नोडल अधिकारी डाक्टर वी0डी0 वर्मा ने बताया कि अच्छी फैमिली प्लानिंग के मुताबिक दो बच्चों के बीच कम से कम तीन वर्ष का अंतर जरूर होना चाहिए। इतना ही नहीं शादी के दो वर्ष बाद पहला बच्चा पैदा होने पर उसका पालन पोषण अच्छी तरह से हो पाता हैं। दंपति को एक दूसरे को समझने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। इसलिए सबसे जरूरी है कि अपने पंसद के अनुसार गर्भनिरोधक साधन का चयन कर पूरी तरह सोच समझकर भविष्य की तैयारी करनी चाहिये।


राम गुलाब वर्मा  परिवार नियोजन परामर्शदाता ने कहा कि बेहतर फैमिली प्लानिंग के प्रति दम्पत्तियों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष सितम्बर माह में गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर गर्भ निरोध अपनाने के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। निःशुल्क गर्भनिरोधक सामग्री उपलब्ध कराई गई।  इस अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर बास्केट आॅफ च्वाइस लगाई गई । परिवार नियोजन के मामले में महिलाओं ने जिले में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया। 


गर्भ निरोधक दिवस के अवसर पर 16 महिलाओं को आईयूसीडी और 16 महिलाओं को पीपीआईयूसीडी लगाई गई। जिले में महिलाओं को 25 अंतरा इंजेक्शन लगाए गए। जनपद के समस्त केन्द्रों पर 88 महिलाओं ने छाया और गर्भनिरोधक गोली को लिया।  जबकि 163 महिलाओं ने माला डी गोली पर अपना विश्वास जताया। इसके अलावा 775 दंपत्तियों को कंडोम उपलब्ध कराया गया। 


कोरोना काल में अंतरा पर महिलाओं ने जताया विश्वास 


अंतरा गर्भ निरोधक इंजेक्शन सुरक्षित अंतराल के लिए महिलाओं की पहली पंसद बनता जा रहा है। जिले में अप्रैल माह से सितम्बर माह तक 98  महिलाओं ने अंतरा पर विश्वास जताया है। महिलाएं इसे सुरक्षित गर्भ निरोधक मानती है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए केयर लाइन के जरिए खुद की जानकारी ले लेती है।


Comments