Bhadohi : घर-घर कोरोना की पहचान शुरू


रिपोर्ट : नीलू सिंह/अरूण शुक्ला


ज्ञानपुर/भदोही, (उ0प्र0) : जिले भर के 1215 गांवों में कोरोना के लक्षणों की पहचान शुरू हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कोविड 19 के संक्रमण को फैलाने से रोकने तथा जिन व्यक्तियों में संक्रमण का शुरुआती लक्षण हैं । उनको स्वस्थ्य करने के लिए विभाग अपनी रफ्तार लगातार बढ़ाए हुए हैं।


जिला कार्यक्रम प्रबन्धक रोली श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना के लक्षणों की पहचान के लिए जिले भर के 1215 गांवों में तैनात आशा व आशा संगिनियों की टीम गांव के घर-घर जाकर सभी सदस्यों में बीमारी को लक्षणों का पता लगा रही हैं। इस दौरान यदि किसी में संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं, तो उन्हें आगे क्या करना चाहिए, इसकी भी सलाह दी जा रही है। अभी जिले में कोरोना के बढ़ते हुए मरीजों को देखते हुए यह विभाग ने निर्णय लिया है। इस समय स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर भी अधिकांश कोरोना पांजिटिव हो चुके हैं ।


डीसीपीएम अरविन्द के अनुसार कोविड-19 से संक्रमित उन मरीजों को संक्रमण से सबसे ज्यादा जोखिम है। जो पहले से किसी भी गंम्भीर बीमारी जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर, गुर्दा रोग एवं कैंसर से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों की पहचान कर उनके जीवन को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की प्रशिक्षित टीमों को घर-घर सर्वे के कार्य में लगाया गया है। ये टीमें ऐसे मरीजों को भी चिन्हित करेगी जिनको सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा कुछ शतों के साथ कोरोना संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन यानि अपने घर पर ही कुछ जरूरी दवाओं, जांचों और सावधानियों के साथ स्वस्थ्य हो रहे हैं। इसके लिए जिले के आशाओं व आशा संगिनियों की देख रेख में उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी जा रही है।


सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोपीगंज में तैनात आशा संगिनी राधिका का कहना है कि कोरोना संक्रमण एक गंभीर मामला है। यह एक नई बीमारी है, इसलिए विश्व में विशेषज्ञों से इसके बारे में अभी खोज जारी है। फिलहाल हमारे पास इस बीमारी से बचाव ही एक मात्र रास्ता है। जरूरी सावधानी अपनाकर हम अपना तथा अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय नाक और मुंह को ढंक कर रखें, लोगों से 2 गज की दूरी बनाए और हाथों को साबुन और पानी से धुलते रहे।


पोलियो की तरह पाएंगे कोरोना पर काबू


मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर लक्ष्मी सिंह का कहना है कि अभियान के सफल संचालन के लिए पोलियो की तरह एक टीम में दो आशा व एक आशा संगिनी एवं 14 टीम पर एक सुपरवाइजर रखा गया है। टीम के सभी सदस्यों को बीमारी का लक्षण पता लगाने के लिए प्रशिक्षित पर किया जा चुका है। इस तरह जनपद में कुल 1192 टीम माइकोप्लान के तहत घर-घर जाकर सर्वे करने का काम करेगी। टीम के सर्वे के बाद चिन्हित मरीजों को लक्षणों के आधार पर आवश्यक जांच और ईलाज के लिए सलाह दी जायेगी। चिकित्सकों के सलाह के आधार पर उनको आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जायेगी।


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