अमेरिकी डॉलर में रिकवरी से सोना और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव


मुंबई : अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने सोने और कच्चे तेल की कीमतों की तेजी को रोक दिया है और बेस मेटल्स के लाभ को भी सीमित किया है। हालांकि, कोरोनोवायरस मामलों की बढ़ती संख्या ने स्पॉट गोल्ड की कीमतों में हो रहे नुकसान को कम किया। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी एवीपी श्री प्रथमेश माल्या ने बताया के लगातार आर्थिक मंदी को देखते हुए निवेशकों के सेफ हैवन की ओर शिफ्ट होने की संभावना है। 


स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.19% तक कम हुईं और अमेरिकी डॉलर में रिकवरी से घटकर 1928.8 डॉलर प्रति टन पर बंद हुईं। हालांकि, कोरोनोवायरस मामलों की बढ़ती संख्या ने इस नुकसान को सीमित रखा। बढ़ते मामले आर्थिक सुधार की उम्मीद को भी कमजोर कर रहे हैं।


पीली धातु को अगले कुछ महीनों में कम ब्याज वाले माहौल के संकेत और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से स्टिमुलस उपायों ने भी बढ़ोतरी को समर्थन किया। निवेशक इस सप्ताह के बाद यूरो के बारे में ईसीबी की मौद्रिक नीति में सकारात्मक संकेत तलाशेंगे। आज के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर सोने की कीमतें पॉजिटिव रहने की उम्मीद है। 


कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई क्योंकि कच्चे तेल के शीर्ष निर्यातक सऊदी अरब ने अक्टूबर-2020 के लिए एशिया में आधिकारिक बिक्री मूल्य को कम कर दिया। निर्यातक ने गिरती मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। लिक्विड गोल्ड की कीमतों में हाल ही में हुई गिरावट के बाद अमेरिकी कंपनियों ने नए ऑइल सप्लाई की ड्रिलिंग में तेजी लाई और इसने लिक्विड गोल्ड की कीमत को और कम कर दिया। इस वजह से रिकवर हो रहे डॉलर, वैश्विक मांग में कमी, और धीमी आर्थिक वृद्धि से कच्चे तेल की कीमतों के और नीचे आने की संभावना है। आज के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है।


चीन की अर्थव्यवस्था में विस्तार और चीन के बाहर औद्योगिक धातुओं की मांग में सुधार के आधार पर एलएमई पर बेस मेटल्स पॉजिटिव बंद हुई। जुलाई-2020 में 7.2% की वृद्धि की रिपोर्ट के बाद चीन का निर्यात 9.5% बढ़ा। चीन के निर्यात में वृद्धि लगातार तीसरे महीने आई है। चीन में एल्युमीनियम इम्पोर्ट जुलाई में भी बढ़ा और 391,297 टन के उच्चतम मासिक दर्ज किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम कीमत के तौर पर भी दिखा।


लंदन मेटल एक्सचेंज पर गिरते इन्वेंट्री स्तर के चलते एलएमई कॉपर 1.18% की बढ़त के साथ बंद हुआ और 6789.0 डॉलर प्रति टन पर बंद हुआ। पहले चिली और पेरू से आने वाली आपूर्ति की चिंताओं के कम होने से कॉपर की कीमतों में और गिरावट आई।


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