अमेरिका-चीन के तनाव से सोने और कच्चे तेल की कीमतों को मिली मजबूती


मुंबई : दुनियाभर में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बावजूद कमोडिटी मजबूती से मैदान पकड़े हुए हैं। सप्लाई की बाधाओं के बावजूद, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के खुलने पर निवेशक आशंकित हैं। एंजल ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च नॉन एग्री कमोडिटी एंड करेंसी एवीपी श्री प्रथमेश माल्या ने बताया के बुधवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.81 प्रतिशत बढ़कर 1946.7 डॉलर प्रति टन पर बंद हुईं, क्योंकि दुनिया भर में कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या के बीच अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ने से आर्थिक मंदी के आसार बन रहे हैं।


दुनिया भर में कोविड -19 मामलों में खतरनाक वृद्धि बाजार के सेंटीमेंट्स पर भारी पड़ रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महामारी के व्यापक प्रभाव ने सेफ हैवन सोने की मांग बढ़ा दी है। गुरुवार को समाप्त होने वाली ईसीबी की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के दो दिन पर सबकी नजर रहेगी क्योंकि निवेशक आने वाले समय में बढ़ते यूरो पर पॉलिसीमेकर के रुख पर संकेत तलाशेंगे।


बुधवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 38.1 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिसने पिछले कारोबारी सत्र में हुए नुकसान को कवर कर लिया क्योंकि बाजार में क्रूड ओवरसोल्ड हो गया। हालांकि, क्रूड निर्यातक सऊदी अरब ने गिरती मांग को देखते हुए अक्टूबर -2020 के लिए एशिया में आधिकारिक बिक्री मूल्य को कम कर दिया है, इससे तेल बाजार पर दबाव देखने को मिला। तेल बाजार के परिदृश्य की समीक्षा करने के लिए ओपेक और उसके सहयोगी 17 सितंबर को मीटिंग करने वाले हैं।


ओपेक+ ने बढ़ती मांग को देखते हुए अगस्त के बाद से उत्पादन में प्रति दिन 7.7 बैरल की कटौती की। दुनियाभर में कोविड-19 मामलों में वृद्धि यह बताती है कि महामारी के प्रभाव ने क्रूड के आउटलुक को गड़बड़ कर दिया है। ग्लोबल ऑइल मार्केट ने आर्थिक मंदी से उबरने के लिए संघर्ष किया। महामारी के कारण वैश्विक आर्थिक सुधार को लेकर अनिश्चितताओं के कारण दुनियाभर में तेल की आपूर्ति में वृद्धि हुई है, जबकि खपत अभी भी कमजोर बनी हुई है, इससे कच्चे तेल पर दबाव बन रहा है।


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