Unnao : कोविड-19 में जिला प्रशासन द्वारा संक्रमण के बचाव के रोकथाम के किए जा रहे अनवरत उपाय


रिपोर्ट : तनवीर खान 


उन्नाव, (0प्र0) : कोरोना वैश्विक महामारी कोविड-19 की रोकथाम, संक्रमण बचाव के लिये जिलाधिकारी/ जिला मजिस्ट्रेट श्री रविंद्र कुमार के निर्देशन में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोरोना गाइडलाइन के अनुपालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिन-रात प्रतिदिन निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में team11 कोरोना की बैठक  समय-समय पर आवश्यकता अनुसार बैठकें की जा रही हैं। और कोविड-19 के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन बैठकें कर संक्रमण के बचाव से बचने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए जाते हैं ।


जनपद उन्नाव में कोरोना संक्रमण के बचाव से संबंधित प्रत्येक कार्यालय में अनलॉक की स्थिति में कोविड- हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जनपद में जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। जिनमें 100 बेडों की व्यवस्था की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया  व औरास को एल-वन अस्पताल बनाया गया है जिनमें से बिछिया में 50 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-औरास में 50 बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। साथ ही सरस्वती मेडिकल कॉलेज को l2 अस्पताल बनाया जा चुका है जिसमें 100 बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।कोविड केयर सेंटर श्री राम मूर्ति स्मारक चिकित्सालय में 100 बेड की व्यवस्था की जा चुकी है।


जनपद में कोरोना के अब तक 52401 टेस्ट हुए हैं जिसमें से 1571 कोरोना पॉजिटिव व-50798 टेस्ट नेगेटिव आए हैं। जिसमें से 1161 डिस्चार्ज हो चुके हैं। 32 की डेथ हो चुकी है। जनपद में अभी तक 463 मरीज होम आइसोलेट हुए हैं। वर्तमान में 398 एक्टिव केस, व वर्तमान में होम आइसोलेशन में 157 केस हैं। कोविड-19 में स्वास्थ्य विभाग की 108 एंबुलेंस-10, ए०एल०एस० एंबुलेंस -04 लगी हुई हैं जो तत्काल ही पेशेंट को अटेंड कर अस्पताल में शिफ्ट कर देती हैं। और सभी की कांटेक्ट ट्रेसिंग भी 24 घंटे के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर ली  जाती है। संक्रमण न फैले इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सैनिटाइजेशन का कार्य निरंतर फायर बिग्रेड के माध्यम से कराया जा रहा है। जनपद में कंटेंटमेंट जॉन की संख्या-670 है जिनमें होमस्टेप डिलीवरी ,शिलिंग, सैनिटाइजेशन, हेल्थ सर्विस की सुविधा दी जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा आम जनमानस से कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के प्रति भी समय-समय पर जागरूक किया जा रहा है। कोविड-19 की रोकथाम के लिए जनपद मे डोर टू डोर सर्विलेंस अभियान के अंतर्गत 172627 घरों में जाकर लोगों की निगरानी कर संदिग्ध मरीजों का पता लगाया।


जनपद उन्नाव के कलेक्ट्रेट में बनाए गए इंटीग्रेटेड राहत कंट्रोल रूम में 0515-2820707, 9454417162, 6386040489 नंबरों के माध्यम से भी विभाग संबंधित कोविड-19 के अंतर्गत  कॉल सुनी जा रही हैैं और उनका निस्तारण तत्काल किया जा रहा है। मेडिकल टीम द्वारा  कंट्रोल रूम में 24 घंटे कार्य किया जा रहा है।


जिला प्रशासन के नेतृत्व में प्रतिदिन कोरोना गाइडलाइन के अनुपालन में प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक किया जा रहा है कि अपने घरों से अनावश्यक रूप से ना निकले जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क अवश्य लगाएं अपने हाथों को समय-समय पर साबुन से धुलते रहें या सैनिटाइजर का भी प्रयोग करते रहें। जिलाधिकारी के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने 24 जुलाई से 31 जुलाई तक में डोर टू डोर सर्विस लेंस अभियान चलाया था जिसमें 08 लाख 54 हजार 23 की जनसंख्या को कवर किया गया था। जनपद में कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग का प्रतिशत-08.83%, कोविड-19 पॉजिटिव रेट-03.07, रिकवरी रेट-66.05 तथा मृत्यु रेट-01.05 है।


जिला प्रशासन द्वारा बाहर से आए प्रवासियों को रोजगार देने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण तय कटिबंध है और प्रवासियों को जिला प्रशासन उन्नाव में बॉर्डर का जनपद होने पर अन्य जनपदों के प्रवासियों को भी लॉकडाउन अवधि में उनके घर तक छुड़वाने का कार्य किया है। जिला प्रशासन द्वारा अस्थाई आश्रय स्थलों पर रहने वाले व्यक्तियों को भी कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था दी  गई।


खाद्य राशद विभाग द्वारा जनपद में निशुल्क खाद्य वितरण किया गया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन उन्नाव व स्वास्थ्य विभाग पूर्णतया अलर्ट है कांटेक्ट ट्रेशिग प्रतिदिन शत-प्रतिशत की जा रही है। बाढ़ ग्रस्त के लिए जनपद उन्नाव अलर्ट मोड पर है  जिलाधिकारी द्वारा निरंतर नदियों के तट पर जाकर निरीक्षण किए जा रहे हैं और जल स्तर का जायजा लिया जा रहा है। जो गांव नदी के तट पर स्थित हैं उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है बाढ़ नियंत्रण के लिए जनपद में कंट्रोल रूम भी स्थापित है जिसका नंबर-0515-282070, 9454417162, 6386040489 है।


जनपद उन्नाव में आपदा में लगे हुए समस्त अधिकारी/कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिए जा चुके हैं। जिस पर समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण अलर्ट मोड पर हैं। जिलाधिकारी द्वारा समस्त बाढ़ क्षेत्रों में 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है तथा कंट्रोल रूम भी 24 घंटे जारी है। बाढ़ चौकियां एक्टिव हैं, जल स्तर पर प्रति घंटे निगरानी की जा रही है, प्रत्येक तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए जा चुके हैं, जिसके अनुपालन में समस्त उप जिलाधिकारियों द्वारा संबंधित क्षेत्रों का दौरा समय-समय पर किया जा रहा है।


जिला प्रशासन द्वारा गोताखोरों व नावों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल राहत कार्य कराया जाना सुनिश्चित कर लिया गया है। जिलाधिकारी द्वारा दिनांक 21 अगस्त 2020 व 22 अगस्त 2020 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया जा चुका है। तथा संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किए जा चुके हैं। इसमें बाढ़ से प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए चिन्हित स्थानों को कोविड-19 से बचाव हेतु दिशा निर्देशों के अनुक्रम में ही बनाया गया है। कोविड-19 के तहत सामाजिक दूरी के साथ लोगों को ठहरने की व्यवस्था कर ली गई है। पर्याप्त जिओ बैग का उपयोग किया जा चुका है, जिलाधिकारी के निर्देशन में कुशलता पूर्वक कटान को रोकने हेतु जियो टैग लगवाए जा चुके हैं। अतः आपदा स्थिति का सामना करने के लिए प्रशासन पूर्णतया कटिबद्ध है।


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