स्वामी अड़गड़ानंद जी रक्षाबंधन पर दिया भगवान का उपदेश


रिपोर्ट : शिवब्रत पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : श्री परमहंस आश्रम शक्तेषगढ़ चुनार परम पूज्य स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के द्वारा यथार्थ गीता मानव मात्र का लिखा गया जो कि अनादिकाल से सनातन धर्म आपका धर्म शास्त्र है जो एक परमात्मा को सत्य बताया भगवान कृष्ण जी ओम का जाप सद्गुरु की शरण में सैनिक स्मरण भजन को अधिकार सबको दुराचारी तक को भी अधिकार है भजन का परम पूज्य स्वामी जी ने परमहंस महाराज के सानिध्य में रहकर गीता का आरंभ किए जो भारत भर आंतिया में भटक रहा था भगवान कृष्ण से गीता का उपदेश लिखने का आदेश दिए और मानव जाति का धर्म शास्त्र है कहीं भी व्यक्ति हूं अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड सबको गीता श्लोक शास्त्र हैएकं शात्र देवकीपुत्र गीतम एको देवो देवकीपुत्र एव एको मंत्ररतरय नामानि यानि एक ही शास्त्र है गीता देवकी पुत्र भगवान श्री कृष्ण की नेतृत्व वाली उसी को संकलन यथार्थ गीता परम पूज्य स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज के द्वारा लिखा गया भारत का धर्म शास्त्र है विश्व गुरु स्वामी अड़गड़ानंद जी रक्षाबंधन पर भगवान का उपदेश एक परमात्मा के प्रति समर्पित श्रद्धा वांट उसी को रक्षा करने वाले भगवान को रक्षाबंधन कहते हैं रक्षा का मतलब भगवान स्वयं रक्षा करें भगत को हर खतरे से अवगत कराएं जो उसी सभा में माता द्रोपती का चीर खींचा गया वहां पर भगवान की आकर द्रोपति का लाज रखी।


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