सुरसा भी कोरोना वायरस ही थी ! जन्म से मृत्यु तक के संस्कारों में व्यवधान !


पार्थिव शरीर को श्मशान तक ले जाने में कंधा कम पड़ रहा


मालामाल युग कलिकाल में आखिर कौन बनेगा हनुमान?


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : रामचरितमानस के सुंदरकांड में श्रीहनुमान का रास्ता रोकने वाली *सुरसा राक्षसी* भी कोरोना वायरस ही थी जो *सोरह जोजन मुख का विस्तार कर* सोहल संस्कारों को निगलना चाहती थी लेकिन तुरत संस्कारों के श्रीहनुमान *तुरत पवनसुत बत्तीस भयउ* रूप दिखाकर यह सन्देश देते हैं कि 16 बीमारी रूपी नकारात्मकता को ही वे नहीं जानते बल्कि इसको नेस्तनाबूद करने के लिए 16 और विद्या यानी 32 जोजन तक से वे परिचित हैं। 32 जोजन का आशय 16 वायरस और 16 एंटीवायरस से लिया जाना चाहिए। अंत में मुंह में जाकर स्वैब टेस्ट में हनुमानजी सफल हुए और बीमारी खत्म ही कर दी।


कैसे 16 संस्कार बाधित है सुरसा रूपी कोरोना से? 


गर्भ में आए शिशु को इलाज के लिए माताएं डॉक्टर के पास नहीं जा पा रही हैं। शुरुआती लॉकडाउन में अकथनीय वेदना झेलनी पड़ी। अब भी दो दिन के लॉकडाउन में साधनों के अभाव से जटिल स्थितियां बनी हुई हैं । इसके बाद नवजात शिशु को समय समय पर वैक्सिनेशन में दिक्कतें आ रही हैं । अन्नप्राशन, मुंडन, उपनयन, विवाह आदि संस्कार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।


सर्वाधिक दिक्कतें मृत्यु पर देखी जा रही है


16 संस्कारों में अंतिम मृत्यु भी है। इसमें तो इन दिनों *कंधा देने वाले कम पड़ जा रहे हैं।* किलो-दो किलोमीटर श्मशान तक जाने में लोग बीच बीच में कंधा बदलते हैं । एक ही व्यक्ति पूरी शवयात्रा में पार्थिव शरीर को ले नहीं जा पाता हैं । लेकिन सामान्य मृत्यु में भी लोग शवयात्रा में शामिल होने से डर रहे हैं ।


पहला सवाल - कोरोना से तो नहीं मरे ?


किसी के निधन की सूचना पर पहले परिचित लोग यही पता कर रहे कि कोरोना से तो मृत्यु नहीं हुई ? इसके बाद घाट पर लकड़ी बेचने वाला, आग देने वाला डोम, पहले से जलते शव के साथ आए यही पूछते हैं कि कोरोना तो नहीं हुआ था ? यानी घर से लेकर मरघट तक सवाल नजरें दिख रही हैं । फिर क्यों न कहा जाए कि यह कोरोना सुरसा खानदान का ही है?


कौन बनेगा हनुमान ?


त्रेता युग त्याग, तपस्या और सच्चे अर्पण-तर्पण का युग था जबकि कलिकाल किसी भी प्रकार मालामाल बनने का युग है। ऐसे में हनुमान का जो सच्चा उपासक होगा वही इस सुरसा का वध करने का महा-उपाय ढूंढ सकेगा।


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