राम मंदिर भूमि पूजन पर खजुराहो हुआ दीपमय


रिपोर्ट : निर्णय तिवारी


छतरपुर : भगवान राम जन्म भूमि  विवाद 500 बर्षो से लगातार जारी रहा जिसमें लाखों कार्यकर्ताओं एवं करोड़ों लोगों ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग प्रदान किया लेकिन  पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया  और  विवादित भूमि को रामलला को सौंप दिया  5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी के हाथों राम मंदिर निर्माण मंदिर में भूमि पूजन किया गया एवं भगवान राम के मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ हो गया जिससे पूरे भारत के साथ साथ विश्व  के लोगो में अत्यधिक हर्ष देखने को मिला है  पर मंदिर निर्माण के समय अयोध्या में भगवान राम के दर्शन करने के लिए  जो लोग इंतजार कर रहे थे उनमें  थोड़ी निराशा भी देखने को मिली  क्योंकि कोरोना महामारी के चलते  लोगों का अयोध्या में  जाना वर्जित रखा गया 



विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री धीरज सेठ ने मंदिर के लिए संघर्ष बलदान आंदोलन एवं न्यायालय प्रक्रिया के पश्चात मंदिर निर्माण के शुभारंभ तक का वृतांत  की जानकारी दी और कहा कि मंदिर निर्माण से हिंदू समाज की पुनः प्रतिष्ठा हो रही है यह महापर्व का दिन है जो वर्षों बाद आया है यह राष्ट्रीय जागरण के दिवस के साथ.साथ हर हिंदू के लिए गौरव और हर्ष का विषय है



खजुराहो में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य योगेंद्र सिंह के द्वारा अखतया राम जानकी मंदिर में सुबह से हनुमान चालीसा और रामायण पाठ का आयोजन किया गया शाम को नगर के मंदिरों में आम श्रद्धालुओं के द्धारा विशेष सजावट के साथ आतिशबाजी व भजनों के माध्यम से अपनी खुशी व्यक्त की जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समय अत्यधिक सुंदरता देखकर त्रेतायुग की तरह अनुभूति होती है वैसे हि खजुराहो में मंदिरों में हुई सजावट से आज नगर में दीपावली कि जैसे झलक देखने को मिली जगह जगह दीपों को ओम, राम की आकृतियों में रखा गया जो आकर्षण का केंद्र रहा खजुराहो वासियों से अनुरोध किया गया। भारत वासियों से  अनुरोध किया गया कि वह अपने ही  घर पर राम मंदिर के लिए भी दीपक रखें और राम जन्मभूमि उत्सव में अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान करें।


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