प्रदूषण से ग्रस्त क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक व शुद्ध हवा में सांस लेने को तरसते बुजुर्ग और महिलाएं


एम-पूर्व वार्ड क्रमांक 134. एल-वार्ड क्रमांक 159 -161 में मनपा का एक भी उद्यान नही


मुंबई : आज के भाग दौड़ की जिंदगी में पर्यावरण में फैले जहरीले प्रदूषण के कारण दूषित हवा में सांस लेने के कारण जहाँ लोगों को उच्च रक्तचाप,शुगर और अन्य तरह तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने स्वास्थ्य को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए नियमित रूप से उद्यानों और मनोरंजन पार्कों का सहारा ले रहे हैं वहीं मुंबई उपनगर में आज भी कुछ ऐसे वार्ड हैं जहाँ मनोरंजन उद्यान का नामोनिशान नहीं है। जिसके कारण यहाँ के बुजुर्गो और महिलाओं को मॉर्निंग वॉक के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसे में देश की आर्थिक राजधानी के भीतर आने वाले ऐसे वार्डो को मनपा किस आधार पर आदर्श वार्ड की उपाधि देगी ? यह चर्चा का विषय बना हुआ है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार एम पूर्व विभाग में आने वाले वार्ड क्रमांक 134.में गोवंडी शिवाजीनगर बगैनवाड़ी स्थित देवनार डंपिंग ग्राउंड व एसएमएस को कंपनी में मुुंबई के विभिन्न सरकारी अस्पतालों से डंपरों में भरकर लाई जाने वाली लावारिस लाशों सहित क्षेत्र के नर्सिंग होमो में होने वाली शिशुओं की डिलवरी से निकलने वाले बायो कचरे को जलाया जाता है, जिससे चिमनी के जरिये निकलने वाला धुंआं शुद्ध हवा को जहरीला बना रहा है। यह ज़हरीले धुएं का प्रभाव पूरे विधानसभा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है। जिससे सपा विधायक अबु असीम आज़मी का विधानसभा क्षेत्र में 11 लाख की जनसंख्या जहरीले प्रदूषण की मार झेलने को मजबूर है देवनार व एसएमएस कंपनी। कहा जाता है कि इन दोनों कंपनियों को लेकर क्षेत्रीय नागरिक अनिल पांडे के अनुसार राज्य की पूर्व सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और वर्तमान महाविकास आघाडी सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे गोवंडी शिवाजीनगर बगैनवाड़ी से डंपिंग ग्राउंड और एसएमएस कंपनी को सिर्फ इसलिये हटाना नहीं चाहते कि मनपा में शिवसेना की सत्ता है। मुंबई के अस्पतालों से आने वाला बायो वेस्ट जालने के नाम पर मनपा की तिजोरी भर रही है उसका नुकसान नहीं उठा सकते, इंसानो की जिंदगियों की कोई कदर नहीं है।



वही दूसरी और स्थानीय सपा विधायक पर प्रदूषण की समस्या को लेकर किया गया जेल भरो आंदोलन को उस समय मे शुरू एम-पूर्व में जारी उपचुनावों को जीतने के लिये प्रदूषण के नाम पर जनता की हमदर्दी हासिल करने के लिये जेल भरो आंदोलन करने का आरोप क्षेत्रीय जनता से अधिक विपक्षी पार्टी के राजनेताओं के जुबानों पर तैरते दिखाई देगा। कहते है समस्य दूर करने की बाजये उसको वोटों में बदल रहे है कॅश करके, आज भी जैसी थी प्रदूषण की समस्या वैसे ही कायम है, कोई फर्क नही आया है। अगर फर्क देखने को मिल रहा है तो वो है कि हार्ट, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, टीबी, कैंसर जैसे रोगों से ग्रस्त होकर नागरिकों की मृतकों के आंकड़े। जिसका सीधा असर गोवंडी के दोनों कब्रस्तानो में शवों को दफनाने की जगह उपलब्ध नहीं है देवनार और राफिकनागर। उद्यान के लिये शिवाजीनगर के निरंकारी, संजय नगर से लगे नये बस डिपो से लगे साढ़े सात एक्कड़ जामिन पर चरसी गारदुल्लो शाम होते ही कब्जा जमा लेते है। उस खाली भूखंड पर स्थानीय वार्ड क्रमांक 134. सपा नगरसेविका सायरा फहाद ने पिछले 2 वर्षों से लेकर बेस्ट महाप्रबंधक से बेस्ट समिति पूर्व अध्यक्ष सहित वर्तमान अध्यक्ष अनिल पाटणकर सहित पूर्व गार्डन कमिटि अध्यक्ष हाजी हलीम शेख से लेकर वर्तमान उमेश माने को पत्र व्यवहार कर के बेस्ट से मांग किया था कि यह साढ़े सात एकड़ भूखंड को मनपा को स्थांनातरित कर दे परंतु अभी तक न करने के कारण वार्ड क्रमांक 134 में उद्यान का आभाव कायम रूप से बना हुआ है।


एम पूर्व प्रभाग क्रमांक. 134, कुर्ला एल वार्ड के अंतर्गत आने वाले प्रभाग क्रमांक 1159 और161 मुम्बई मनपा के उन 227 वार्डो में एक है। जहाँ पर एक भी मनपा उद्यान न होने से यहाँ के बुजुर्गों और महिलाओं को सुबह शाम के समय मॉर्निंग वॉक के लिए तरसना पड़ रहा है। बताया जाता है कि वार्ड क्रमांक 159 की जहाँ आबादी पचपन से साठ हजार के बीच है। वहीं 161 की भी आबादी भी साठ हजार के करीब है। लेकिन दुःख की बात यह है कि इन वार्डो में रहने वाले स्कूली और कॉलेज के छात्रों को क्रिकेट खेलने के लिए दूरदराज इलाकों में जाना पड़ता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र और राज्य सरकार जहाँ एक तरफ देश भर में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए तरह तरह के कार्यक्रम का आयोजन कर रही है वहीं इन वार्डों में एक भी उद्यान न होने से यहाँ के कॉलेज और स्कूली छात्रों को प्राइवेट मैदानों में पैसे देकर क्रिकेट खेलना पड़ रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सुर्य प्रकाश दुबे ने बताया कि दो से ढाई दशक पूर्व असल्फ़ा और मोहम्मद विलेज के अनेक आरक्षित भूखंडों पर अतिक्रमण हो जाने से आज यहाँ के लोगों को खेलने कूदने के लिए तरसना पड़ रहा है। वहीं बुजुर्ग और महिलाओं को सुबह मॉर्निंग वॉक मजबूरन सड़कों के किनारे करना पड़ रहा है। पत्रकार एस पी दुबे ने यह भी बताया कि वार्ड क्रमांक 159 में जंगलेस्वर मंदिर मार्ग पर आनंदी बाई सुर्वे उद्यान है। यह उद्यान यहाँ से दूर होने के कारण लोगों को सड़कों के किनारे मॉर्निंग वॉक करने को विवश होना पड़ रहा है। वही समाजसेवक पंडित ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि माटुंगा पूर्व में एक ही साथ पांच गार्डन हैं। जो कि फाइव गार्डन के नाम से विख्यात है। इसी तरह मुलुंड में एक दर्जन से ज्यादा गार्डन हैं लेकिन कुर्ला एल वार्ड के बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को गार्डन के लिए तरसना पड़ रहा है यह चिंता का विषय है।


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