Mumbai : सड़कों पर बगैर सुरक्षा जाली के मेनहोल के गड्ढे नागरिकों के लिए बने जानलेवा


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : पिछले तीन साल से मुंबई की सड़कों पर मेनहोल के गड्ढों को मनपा की ओर से जाली न लगाए जाने से अब वही मेनहोल नागरिकों के लिए जानलेवा शाबित हो रहे हैं।खास बात यह है कि हाल ही में मुंबई में हुई भारी बारिश के दौरान कांता कलन नामक एक बहादुर महिला ने सड़क पर खुले हुए एक मेनहोल से वाहन चालकों और राहगीरों को बचाने के लिए लगातार सात घंटे तक पानी में खड़ी रहकर खुले हुए मेनहोल से बचने के लिए लोगों को निरंतर आगाह करने का कार्य करती रही।महिला द्वारा  पेश की गई बहादुरी की इस मिशाल के बाद भी मुंबई मनपा ने सबक नहीं ली है।



गौरतलब हो की 2017 से मुंबई की सड़कों पर मौजूद दस हजार मैन होलो पर सुरक्षा जालियां लगाने का कार्य शुरू किया गया था।जो अब वर्तमान में मनपा के अधिकारी सभी मैंन होलो पर जालियां लगाने का दावा कर चुके है। वहीं मामले में पुष्टि हेतु संबंधित पत्रकार ने मनपा के उप जन संपर्क अधिकारी से संपर्क किया तो उन्होंने संबंधित विभाग के चीफ इंजिनीयार से पूंछने पर बताया मुंबई के सभी मैन होलो में सुरक्षा जालियां लगाने का काम पूरा हो चुका है।



ज्ञात हो कि मुंबई शहर से उपनगरों के बीच की सड़कों पर बड़ी संख्या में मेनहोल हैं।बरसात के समय में जलजमाव के दौरान ये मेनहोल वाहन चालकों और राहगीरों के लिए सदैव ही खतरा बने रहते हैं। 26 जुलाई 2005 की भारी बारिश के दौरान भी सड़कों के मेनहोल खुले रहने से अनेक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। इसके अलावा पिछले साल करी रोड में मुंबई के एक जाने माने डॉक्टर की भी मौत भी सड़क के मेनहोल में गिर जाने से हो गई थी। चेम्बूर के समाजसेवक और अखिल भारतीय वडार समाज के अध्यक्ष दीपक दादा शिंदे के अनुसार मुंबई में सीएसटी, परेल, लालबाग, दादर, सायन, चूनाभट्टी, चेम्बूर, कुर्ला ,गोवंडी और ईस्टर्न एक्सप्रेस हो या वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे हजारों की संख्या में सड़कों पर मेनहोल खुले हुए हैं। खास बात यह है कि भारी बारिश के दौरान इन मेनहोल के खुले रहने से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए सदैव ही खतरा बना रहता है।ऐसे में वडार समाज के नेता दीपक शिंदे ने मनपा आयुक्त से सड़कों के खुले हुए मेनहोल में जाली बिठाने की मांग की है।


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