कुछ महीने पहले बनी इमारत के एक तरफा टेढा होने पर नगर-निगम द्वारा बड़े हादसे से बचाने के लिए समय रहते गिराया गया, बिल्डर और निगम के कार्यशैली पर उठे सवाल


रिपोर्ट : अनिता गुलेरिया


दिल्ली : मंगोलपूरी में कुछ महीने पहले बनी बहुमंजिला इमारत के एक तरफ झुकने की वजह से आसपास के लोगों की शिकायत पर नगर-निगम द्वारा बिल्डिंग को (डेंजर) घोषित करने के बाद विशेषज्ञों की देखरेख में बिल्डिंग को गिरा दिया गया ताश के पत्तों की तरह ढहती इस इमारत में रहने वाले लोगों ने मीडिया-समक्ष भारी रोष व्याप्त करते हुए कहा, हमारी इस इमारत को कुछ महीने पहले ही एक बिल्डर ने बनाकर लोगों को बेचा था, बिल्डिंग के टूट जाने के बाद कई गरीब लोगों के आशियाने पूरी तरह से उजड़ गए हैं नगर निगम वाले ही नगर निगम बड़े हादसे से बचाने के लिए ढाह दिया हो,


फिर भी निगम की कार्यशैली पर कई तरह के सवालिया निशान उठ रहे है । पीड़ित लोगों ने कहा हमें इमारत के अंदर से अपना सामान तक निकालने नहीं दिया गया आज हम एक जोड़ी कपड़े में पूरी तरह से बर्बाद होकर रोड पर खड़े हैं । गुस्साए लोगों ने नगर निगम और बिल्डर पर उचित मापदंड के जरिए कार्रवाई करते हुए सरकार से उनके नुकसान की भरपाई व इंसाफ के साथ मदद की गुहार लगाई है ।


 


अबदेखना यह है इन प्रताड़ित लोगों के आशियाने उजड़ने पर बर्बाद हुए बेबस व लाचार लोगों की सरकार किस तरह से मदद कर पाती है ? समझ नहीं आता इतनी ऊंची इमारत नगर-निगम की इजाजत बिना कैसे खड़ी हो गई ? इतनी ऊंची इमारत निगम की नजरों से कैसे हो ओझल रही ? यदि सरकारी विभाग ही कानूनी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाएंगे तो हम आम पब्लिक से कानूनी-नियम पालना की उम्मीद कैसे कर सकते हैं ? पीड़ित लोगों ने दिल्ली सरकार मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल को शिकायत पत्र भेजते हुए इस अवैध-इमारत का निर्माण करने वाले करने वाले बिल्डर का लाइसेंस रद्द करने की अपील करते हुए कहा सरकार हमारे नुकसान की भरपाई बिल्डर से करवाई जाए,जिसकी वजह से आज हम अपने घर से बेघर हो चुके हैं।


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