कोरोना से निधन वालों की केस-हिस्ट्री जारी होनी चाहिए !


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : कोरोना पॉजीटिव हुए मरीजों की मृत्यु के मामले में उनकी बीमारी की केस हिस्ट्री जारी होनी चाहिए । क्योंकि मृत्यु की खबरों से क्वारण्टाइन मरीजों की धड़कने बढ़ जा रही हैं । इसके अलावा आमजनता में भी भय का वातावरण छा जा रहा है।


हाल ही में विशिष्ट लोगों का निधन - प्रदेश की मंत्री कमलारानी पॉजीटिव हुई थी। सवाल यह है कि इनको अन्य कोई बीमारी पहले से थी या नहीं, यह भी सूचित किया जाना चाहिए।


किनके लिए ज्यादा खतरा - ब्लड प्रेशर, शुगर, किडनी, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, हाइपरटेंशन आदि मरीज यदि अधिक उम्र के हैं तो उनके जीवन पर ज्यादा संकट आता है, ऐसी धारणा अनेक चिकित्सकों के विचारों से स्पष्ट हुआ है।


KGMC के डॉक्टर की मृत्यु - यहां के डॉक्टर अग्रवाल कोरोना के शुरुआती दौर में पॉजीटिव हुए और निगेटिव होने के बाद उनका निधन हो गया। रिपोर्ट आई कि वे किडनी की गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे ।


मिर्जापुर में मरने वाले - यहां गणेशगंज के कपड़ा व्यवसाई की मृत्यु हुई थी। वे भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त थे । 1 अगस्त को नपा के पूर्व अध्यक्ष भी पहले से अन्य रोगों से ग्रस्त थे । यहां PWD में रहे एक EE जो इनदिनों हमीरपुर में थे, उनके बारे में डायबीटिक की बात सामने आई। यद्यपि वे 58 वर्ष के ही थे।


मिर्जापुर में पद्मश्री के प्रोपराइटर का निगेटिव होने के 6-7 दिन बाद मृत्यु हुई। वे भी डायबीटिक थे । अन्य कई लोगों के निधन जिसमें विजय बर्णवाल, ब्लाऊ गुप्त आदि को पहले से क्या बीमारी थी, इसकी बुलेटिन जारी होनी चाहिए।


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