कोरोना संकट के कारण मनपा की तिजोरी खाली


रिपोर्ट : प्रमोद कुमार


ठाणे : लॉकडाउन का ठाणे मनपा की संपत्ति और जल कर के संग्रह पर बड़ा प्रभाव पड़ा है, जिसके कारण एक प्रकार से मनपा की तिजोरी खाली है. ऑनलाइन करदाताओं के कारण, संपत्ति कर के रूप में मनपा के खजाने में 102 करोड़ रुपये और जल कर के रूप में 3 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. पिछले साल अगस्त तक संपत्ति कर के रूप में 210 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे. हालांकि इस साल रिकवरी राशि पिछले वर्ष की तुलना में सिर्फ 10 फीसदी ही है. जबकि पिछले साल जल कर से 25 करोड़ रुपये वसूले गए थे, इस साल केवल 3 करोड़ रुपये ही मनपा के खजाने में जमा हो पाए हैं.


ठाणे मनपा को कर संग्रह की एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासन ने कहा है कि कोरोना की वसूली के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जाएगा और केवल नागरिकों से करों का भुगतान करने की अपील की जाएगी. कोरोना संकट के कारण हर जगह लॉकडाउन किया गया था. मनपा को कोरोना को हराने में ठाणे मनपा इसलिए चार महीनों से लगी हुई है. लॉकडाउन के कारण नागरिक अपने करों का भुगतान नहीं कर सके हैं, इसलिए ज्यादातर नागरिक ऑनलाइन टैक्स देना पसंद कर रहे हैं. कुछ नागरिकों ने डीजी ठाणे अप के माध्यम से संपत्ति और पानी के बिलों का भुगतान कर रहे हैं जो मनपा को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है.


इस वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर का लक्ष्य 600 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, लेकिन कर संग्रह 102 करोड़ रुपये ही हो पाया है इसमें से 22 करोड़ ठाणे मनपा को सरकार से प्राप्त हुए हैं. पिछले साल अगस्त तक सामान्य कर संग्रह 210 करोड़ रुपये था. इस वर्ष जल कर का लक्ष्य 200 करोड़ रुपये का रखा गया है और अगस्त तक केवल 3 करोड़ रुपये की वसूली की गई है. पिछले साल यही रिकवरी 25 करोड़ रुपये तक थी. इसलिए, यह स्पष्ट है कि लॉकडाउन के कारण मनपा के राजस्व पर बड़ा प्रभाव पड़ा है.


वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए संपत्ति कर का भुगतान ऑनलाइन तरीके से हो सके इसलिए मनपा की वेबसाइट (www.thanecity.gov.in) पर ई-सुविधा उपलब्ध कराई गई है. वर्ष 2020-21 के लिए पूरे संपत्ति कर का भुगतान 15 सितंबर तक करनेवाले ठाणेकरों को 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है. जिसका प्रतिसाद अच्छा मिल रहा है. लेकिन यह सिर्फ 15 सितंबर तक ही है इसके बाद 16 सितंबर से 30 सितंबर तक के भुगतान पर 4 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के भुगतान पर 3 प्रतिशत और 1 नवंबर से 30 नवंबर तक के भुगतान पर 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. 



  • इस साल का संपत्ति कर का लक्ष्य 600 करोड़ रुपये

  • ऑनलाइन भुगतान 102 (22 करोड़ की सरकार)

  • पिछले साल की वसूली  210 करोड़

  • पानी के बिल का लक्ष्य  200 करोड़

  • अब तक ऑनलाइन हुआ भुगतान 3 करोड़

  • पिछले साल की रिकवरी  25 करोड़


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