कत्थक के महान गुरु स्वर्गीय पंडित महेश्वर पति त्रिपाठी के जन्मोत्सव समारोह में देखने को मिला सुर लय ताल का संगम


6 अगस्त को सायंकाल 7:00 बजे से प्रस्तुत किया गया कार्यक्रम


रिपोर्ट : बृजेश गोंड


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : साधना ललित कला प्रशिक्षण केंद्र के संस्थापक स्वर्गीय पंडित  महेश्वर पति का जन्म दिवस पर विगत वर्ष की भांति इस वर्ष विंध्याचल स्थित शिवरात्रि अतिथि भवन में ऑनलाइन मनाया गया। इस वर्ष कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह कार्यक्रम ऑनलाइन किया गया, जहां श्रोता घर पर बैठकर संगीत का अद्भुत आनंद ले रहे थे। काशी से लेकर विंध्याचल के कलाकारों ने एक से एक बढ़कर अपने कला का प्रदर्शन किया। सर्वप्रथम पंडित जी के शिष्य मनीष शर्मा अपना कथक नृत्य गणेश वंदना से शुरू किया। आपके साथ तबले पर प्रीतम मिश्र ने कुशल संगत किया।



कार्यक्रम के अगले चरण में भगवान शंकर की नगरी काशी से आए विशाल कृष्ण ने पारंपरिक कत्थक और कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। तबले पर रतनलाल सितार पर ध्रुव मिश्रा ने संगत किया। गायकी के चरण में वाराणसी के ही कलाकार गौरव मिश्र ने शास्त्रीय संगीत पर आधारित एक से एक गीत प्रस्तुत किया। विंध्याचल के ख्याति प्राप्त गायक कलाकार रवि शास्त्री ने "रामजी करेंगे बेड़ा पार...." प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। चंदौली से आए कलाकार हरिशंकर तिवारी ने एक से एक बढ़कर कजरी प्रस्तुत किया। वहीं कुमारी केसर ने राग भैरवी पर आधारित एक से एक भजन गाया। आपके साथ तबले पर सुरेंद्र वर्मा ने संगत किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन दिनेश्वर पति त्रिपाठी और विंध्यवासिनी केसरवानी ने किया। उपस्थित लोगों में ओम प्रकाश मिश्र, पंकज दुबे, दिनेश्वर पति त्रिपाठी, कामेश्वर, रामेश्वर पति त्रिपाठी, विजय शंकर सोनी आदि लोग रहे। इस अद्भुत कार्यक्रम देखने को वहां श्रोता तो नहीं थे, लेकिन ऑनलाइन लोग बैठकर घर बैठे संगीत का आनंद ले रहे थे।


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