जान हथेली पर रखकर रेल पटरी पार करने के लिए विवश हैं नागरिक


मुंबई : रेल मंत्रालय की ओर से जहाँ अधिकांश मानव क्रासिंग पर हो रही दुर्घटनाओं के कारण उन्हें बंद कर ओव्हर ब्रिज का निर्माण करवाया गया वहीं हर्बर मार्ग के कुछ स्टेशनो के पास लोगों को जान हथेली पर रखकर रेल पटरी पार करनी पड़ती है।जिसके कारण हर साल यहां रेल दुर्घटनाए हो रही है। उसके बाद भी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हर्बर मार्ग के चेम्बूर और गोवंडी रेल स्टेशनो के बीच पड़ने वाले दादा साहेब गायकवाड़ नगर झोपड़पट्टी के लोगों को लंबे समय से ओव्हर ब्रिज के अभाव में रेल पटरी पार करने पर विवश होना पड़ रहा है। यही नहीं यहां से हमेशा ही स्कूली बच्चे और महिलाओं को मजबूरन चेम्बूर मार्केट जाने के लिए आवागमन करना पड़ता है जिसके कारण अनेकों दुर्घटना घट चुकी है। इसी तरह कुर्ला स्टेशन के नौ नम्बर के समीप हनुमान नगर झोपड़पट्टी के समीप कुर्ला टर्मिनस जाने के लिए यात्रियों को रेल पटरी पार करनी पड़ रही है। ठीक इसी तरह मानखुर्द स्टेशन के ठीक पास महात्मा फुले नगर और महाराष्ट्र नगर के निवासियों को जान हथेली पर रखकर रेल पटरी पार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। रेलवे झोपड़पट्टी पुनर्वसन समिति के अध्यक्ष  अख्तर अली एम. बी. ने बताया कि महात्मा फुले नगर झोपड़पट्टी के निवासियों के सामने बड़ी विकट समस्या है इसका मुख्य कारण यह है कि यहाँ के लोगों को पानी भरने के लिए भी रेल पटरियों को पार करना पड़ता है जिससे अनेकों बार यहां दुर्घटनाए हो चुकी हैं। इसके अलावा दादासाहेब गायकवाड़ नगर के निवासियों की ओर से अनेकों बार ओव्हर ब्रिज बनाने की मांग भी की गई उसके बाद भी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।


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