हाईकोर्ट का निर्देश - तर्कसम्मत आदेश पारित करें तहसीलदार


रिपोर्ट : एडवोकेट विनीत दूबे


प्रयागराज, (उ0प्र0) : संत कबीरनगर की राशन की दुकान, जहां गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों के लिए सरकारी रेट पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। तहसीलदार ने उस दुकान का निलंबन पत्र जारी कर दिया है, जिसके खिलाफ याची मंगरू ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। निलंबन पत्र में कई कार्ड  धारकों का बयान दर्ज है। धारकों का आरोप है कि उन्हें राशन जैसे दाल, चीनी, चावल, गेहूं आदि सामान सरकारी रेट से ज्यादा ऊंचे दामों में मिलते हैं। याची के अधिवक्ता का कहना है कि निलंबन पत्र के आरोप अस्पष्ट, बदनियत से तैयार किए गए और निराधार हैं, इसलिए याची ने निलंबन पत्र के आरोपों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने याची को वितरण रजिस्टर और स्टॉक रजिस्टर कोर्ट के सामने दिखाने का आदेश दिया है, साथ ही तहसीलदार को निर्देश दिया कि अगर याची अपना जवाब निश्चित समयावधि में लगाता है, तो उसके जवाब का परीक्षण करने के बाद उसे अपना पक्ष रखने का एक अवसर दिया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने तहसीलदार को यह भी निर्देश दिया कि वह शासनादेश के अनुसार मामले पर विधिपूर्वक कार्यवाही करें और एक तर्कसंगत आदेश पारित करें। इसके साथ ही अगले दो महीनों तक तहसीलदार द्वारा पारित आदेश पर रोक लगा दी गई और याची की दुकान का निलंबन आंशिक रूप से रद्द कर उसे राशन आपूर्ति की अनुमति दी गई। याची को जो सुविधा दी गई है, वह केवल संबंधित अधिकारी द्वारा पारित अंतिम आदेश तक ही लागू होगी।


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