एसआरए प्रोजेक्ट लागू कर झोपड़पट्टियों के नागरिकों का जीवन स्तर सुधारे सरकार


मुंबई : मुंबई में धरावी के बाद मुंबई  उपनगरो में आने वाली एम-पूर्व मनपा की गोवंडी शिवाजीनगर राहीवासिय क्षेत्र की झोपडपट्टियो में रहने वाले नागरिको का जीवन स्तर सुधारे राज्य  सरकार। गौरतलब हो कि राज्य में शिवसेना, कांग्रेस, रंकापा की गठबंधन सरकार में ईशान्य मुंबई कांग्रेस पार्टी स्लम सेल के तालुका अध्यक्ष वसंत कुंभार ने अपने ही सरकार से मुंबई की गोवंडी की झोपड़पट्टियों में नारकीय जीवन जीने वाली जनता को जन समस्याओं को उजागर करने का प्रयास कर  झोपड़ियों से निकालकर उन्हें म्हाडा की बाजये एसआरए प्रोजेक्ट अधिक से अधिक लागू करवाकर उनका जीवन स्तर सुधारने का कार्य  राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से किया है। एक सामाजिक कार्यक्रम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बहुत जल्द मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एकनाथ राव गायकवाड़ के नेतृत में शिष्ट मंडल के तौर पर मिलेंगे। वसंत कुंभार के अनुसार  काफी सालों से स्लम सेल की झोपड़पट्टियों में रहने वाली जनता के बीच  ईशान्य मुंबई कांग्रेस कमिटि के तालुका स्तर पर काम करते चले आ रहा हूँ। झोपड़पट्टी में रहने वाली जनता की जनसमस्याओं को  काफी करीब से देखकर उनकी सड़क शौचालय, बिजली, पेय-जल समस्या को दूर करने की कोशशि किया है। नागरिको को मिलने वाली सड़क, शौचालय, शुद्ध पेय जल, बिजली जैसी मूल-भूत सुविधाओं से वंचित कर रखी  है। राज्य सरकार व मनपा प्रशासन अभी तक गोवंडी के नागरिकों का जीवन स्तर सुधारने पर क्यों नहीं दिया जोर। क्यों उनको आज तक क्षेत्र में आधुनिक डिग्री कॉलेज वाणिज्य, विज्ञान, कला का महाविद्यालय सहित बड़े आधुनिक केईएम, नायर  अस्पतालो के सत्तर के अस्पताल की स्वस्थ सुविधा से वंचित रखा है।


सरकार और मुंबई महा नगरपालिका की झोपड़पट्टी में रहने वाली जनता की पोल कोरोना महामारी के दौरान पूरी तरीके से खुल गई। बताया जाता है कि सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा झोपड़ियों में रहने वाली जनता के घरों में कचरे व गंदगी के बीच सुरंग नुमा चालियों में घुसकर खाना पहुंचाने का कार्य करने के दौरान देखने को मिला। मनपा प्रशासन के झोपड़पट्टियों में रहने वाली जनता को बढ़िया सुविधाओं उपलब्ध करवाकर देने की बड़े बड़े दावों की हवा निकालकर रख दिया है। उपरोक्त मामले में एम पूर्व के सहायक आयुक्त सुधांशू द्विवेदी व एम पूर्व पश्चिम के मनपा उपायुक्त भारत मराठे सहित महापौर से प्रतिक्रिया हेतु संपर्क करने पर संपर्क नही हो पाया।



वर्तमान समय मे मूसलाधार वर्षो  के दौरान छत से टपकते पानी के बीच घरों में घुटने तक भरे पानी में  नागरिकों को मजबूरन रहते दिखाई दिये। नागरिकों  जिंदगी को नरक से भी ज्यादा खराब कर दिया है। वार्ड क्रमांक .135 मानखुर्द मंडाला इंदिरानगर की जनता कई वर्षों से मनपा प्रशासन से एक शौचालय की सुविधा उपलब्ध करवाकर देने की मांग करते आई है। जिसपर स्लम की झोपड़पट्टियों में जनता की शौचालय बनाकर देने की मांग यह कहकर मनपा प्रशासन खारिज करते चले आया है कि झोपड़पट्टियों से लगा मैदान सीआरजेड में आता है। परंतु वही झोपड़पट्टियों में भ्रष्ट अधिकारियों की मिली भगत कर के डंपिंग की जगहों को खेती की जमीन बातकर भूमाफियाओं को बेचते चले आ रहे है। परंतु नागरिक सुविधाओ के लिये मनपा प्रशासन ने जहां सीआरजेड का अड़ंगा डाला है, वही क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों द्वारा इंदिरानगर जनता से शौचालय निर्माण करने के लिये अपने घरों की कुर्बानी दे, ताकि उनको पीपी योजना के तहत म्हाडा में घर मिलेगा। जिस पर मौजूदा झोपड़े के भाव से भी कम म्हाडा के झोपड़पट्टीयो के भाव के कारण कोई अपने महेंगे झोपड़ों  को क्यों भला कचरे के भाव देना चाहेंगा। कहा जाता है कि 


गणेश मंदिर 30.फिट रोड  से आगे खाली पड़े 52 एक्कड़ में फैले मनपा का मैदान है, वर्तमान समय मे मनपा ने झोपड़े तोड़कर एमएमआरडीए को मेट्रो कोच के यार्ड बनाने हेतु मैदान की जगह स्थांनातरित कर दिया है। क्या जिस जगह पर दस हजार झोपड़े हुआ करते थे क्या मनपा इंदिरानगर के रहिवासियो को एक शौचालय बनाकर नही दे सकती है। मुंबई की एक मात्र मानखुर्द मंडाला स्लम की झोपड़ियों से खुले में शौचालय की समस्या खत्म हो जाये। क्यों नहीं मनपा प्रशासन आखिर झोपड़पट्टियों में रहने वाली जनता का जीवन स्तर सुधारने को कटी बध्य है। 2017 का मनपा चुनावों सन 2011 तक के शिवसेना-बीजेपी की युति सरकार ने जनता के बीच घोषणा कर के मुंबई मनपा की सत्ता में काबिज हुई थी और आज इंदिरानगर के 1997 में बने झोपड़ियों के रहने वाले नागरिकों को क्यों मनपा शुद्ध पेय जल, झोपड़पट्टियों में बने झोपड़ों क्यों नही पास नहीं कर रहे है। क्यों उनको शुद्ध पेय जल, बिजली, सड़क जैसी सुविधाओं से वंचित कर रखी है मनपा। मनपा प्रशासन व एमएमआरडीए मिलकर आज तक एक शौचालय का निर्माण करके नहीं दे पाये। परिणाम स्वरूप रोजाना हजारों की संख्या में वर्षा के दौरान मल मूत्र कीचड़, कचरे की गंदगी के बीच पुरुष सहित महिलाये छोटे बच्चे शौच के लिये खुले में शौच जाने को मजबूर है।



शौचालयो में फैली गंदगी ने झोपड़ियों की स्वछता को बेनकाब कर दिया है। शिवाजीनगर के रोड नंबर 6.प्लाट नंबर 42.जैसे सुविधा जनक डुप्लेक्स शौचालय जैसी सुविधा गोवंडी की जनता को मनपा प्रशासन उपलब्ध करवाये। जहीरीला प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियो को मनपा प्रशासन लीज खत्म होने के बाद भी मौत के मुहं में डालने का काम निरंतर करते चले आ रही है।


एसएमएस कंपनी से जहां मुंबई के विभिन्न सरकारी अस्पतालों से लाई जाने वाली लावारिश लांशे जलाई जाती है, इसके साथ ही क्षेत्र में सक्रिय नर्सिंग होमो से निकलने वाला डिलीवरी का बायो वेस्ट जलाया जाता है। दूसरा देवनार डंपिंग ग्राउंड में विलीवाट कचरे का वर्गीय कारण करने के नाम पर लाखों करोड़ों का मनपा हर वर्ष टेंडर निकाल कर निजी ठेकेदारों को देती है। जिससे करोडों रुपए की कमाई ठेकेदार और क्षेत्र के डॉक्टर मिलकर मनपा प्रशासन के साथ मिलकर कर रहे है। इन तीनों की कमाई की कीमत के तौर पर जनता को अपनी जान हवा में फैले जहीरीला प्रदूषण के कारण गावं रहे है। निर्दोष नागरिकों की कम उम्र में होने वाली मौतों का आखिर कौन जिम्मेदार। कहा जाता है कि एसएमएस कंपनी और देवनार डंपिंग ग्राउंड की लीज खत्म होने के बाद भी जबरन ढो रही मनपा प्रशासन सिर्फ अपने आर्थिक राजस्व कमाई के लिये लाखों झोपड़पट्टियों में रहने वाले नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करते चले आ रहे है। प्रदूषण से ग्रस्त  शिवाजीनगर-मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र की जनता जहीरीला प्रदूषण की चपेट में आकर अस्थमा, हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, कैंसर टीबी जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त होकर बहुत ही कम उम्र मे मौत के मुहाँ में जा रही है।


क्षेत्र के वयोवृद्ध बूढ़े लोगों के लिये एम-पूर्व के आज भी कई वार्ड है जहां पर शुद्ध हवा लेने के लिये गार्डन की व्यवस्था नहीं है और जहां है भी गार्डन वहां शाम ढलते ही नशेडियों कब्जा हो जाता है। शाम 7 बजे से लेकर रात 10 बजे के बीच राहगीर, महिलाओं, स्कूली छात्रा भी गार्डन के बने रास्ते से गुजरने को डरते है लूट-पाट के डर से बचने के लिये।


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