एम-पूर्व मनपा कर्मियों क्षेत्र में सैनिटाइजेशन, कीटनाशक, धुंवे का छिड़काव करने से कर रहे है परहेज


लापरवाही रवैया अपनाने से जानलेवा मच्छरों के डंक से त्रस्त नागरिक


मजबूरी में मच्छरों को भगाने के लिये नागरिकों को आलावा जलाकर रात जगारण कर रहे है


मुंबई : लगभग दस दिनों से शुरू लगातार मूसलाधार बारिश ने राहीवासिय क्षेत्र का हाल बिगाड़ कर रख दिया है ।बरसाती संक्रामक बीमारियों के पैर फैलाने से अचानक कोरोना महामारी में जनता ग्रस्त हो रही है ।झोपड़पट्टी बाहुल क्षेत्रों में व खाड़ी से लगे क्षेत्रों में दोनों जगहों पर शाम होते ही घुसपैठ शुरू हों जाती है ।जिससे नागरिको को मलेरिया डेंगू जैसे खतरनाक जानलेवा बीमारियों की चपेट में आने का खतरा बढ़ चुका है ।


स्थानिक वार्ड क्रमांक 135 मंडाला इंदिरागर राहीवासिय जोया शेख के अनुसार  अनुसार एम पूर्व मनपा विभाग के कीटनाशक विभाग के कार्यलय में जाओ सैनिटाइजेशन ,धुंवे की फ़व्वर्णी करने सहित कीटनाशक दावा का छिड़काव करने की शिकायत करने पर अधिकारी कहते है एक माहिने के बाद आपके क्षेत्र का नंबर आयेगा तब तक क्या मच्छरों के डंक से क्या जनता मालरिया डेंगू की बीमारी से ग्रस्त होकर अस्पताल में पहुंच जायें, वो भी कोरोना लॉक डाउन महामारी के काल मे ।नागरिक अस्पताल जाने से आज भी डरते है ,भले ही शिवाजीनगर मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र रेड जोन से बाहर क्यों नहीं आगया हो !एम पूर्व के संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा जानकेव खतरनाक मच्छरों की नागरिकों की घरों में घुसपैठ कर घुसकर डंक मारकर रोग ग्रस्त कर रहे है ।नागरिको को मच्छरों की  घुसपैठ किं समस्य से छुटकारा दिलाना नहीं चाहते।



सूत्रों के अनुसार चार महीनों से कोरोना लॉक डाउन के समय से बंद चल रही क्लिनिक ,दावा खनाओ को संरक्षण दे रहे है मनपा अधिकारी ताकि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को कोरोना महामारी के बाद मलेरिया डेंगू के नाम पर जमकर लूटकर अपना घटा पूरा कर सके कमाई का ।मामले में स्थानिक शिवसेना नगरसेविका से मच्छरों के प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सैनिटाइजेशन ,धुंवे की फ़व्वर्णी सहित कीटनाशक दावा का छिड़काव स्लम झोपड़पट्टियों में करवाने की मांग करने पर समीक्षा सक्रे ने कहा कि करवाती हूँ ,क्योंकि एक महाबाद ही दूसरे चक्र का चिढकव का नंबर आता है। मामले में प्रतिक्रिया हेतु वार्ड ऑफिसर सुधांशु द्विवेदी से संपर्क करने पर हमेशा की तरह उनका फ़ोन बिजी बात रहा था।


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