देश की सबसे कठिन (यूपीएससी) परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ छठा-उच्चतम दर्जा हासिल करने पर विशाखा यादव को द्वारका डीसीपी द्वारा किया गया सम्मानित


रिपोर्ट : अनिता गुलेरिया


दिल्ली : यूपीएससी 2019 के परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इस परीक्षा में समस्त देश से (829) उम्मीदवारो को चयनित किया गया है । सिविल सेवा परीक्षा 2019 देश के सर्वश्रेष्ठ उत्तम-दर्जे के मुख्य (दस-टॉपर) विजेता जिसमें पहला दर्जा हासिल करने वाले प्रदीप सिंह जो (हरियाणा) सोनीपत से,दूसरे नंबर पर जतिन किशोर,तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा,चौथे पर हिमांशु जैन,पांचवें पर जयदीप सी एस और छठे नंबर पर दिल्ली की विशाखा यादव,सातवें नंबर पर गणेश कुमार भास्कर,आठवें पर अभिषेक और नौवें स्थान पर रवि जैन,दसवें नंबर पर संजिता मोहपात्रा रहे ।


बता दें इस साल के (829) चयनित उम्मीदवारों में से (304) जनरल कैटिगरी के,(78) ईडब्ल्यूयूएस,(251)उम्मीदवार ओबीसी के (129) एससी और (67) उम्मीदवार एससी कैटिगरी के परीक्षार्थी शामिल है,यूपीएससी  के (182) उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में रखा गया है । 17 फरवरी 2020 को होने वाले इंटरव्यू परीक्षा को कोरोना महामारी दौरान रद्द कर दिया गया था अब 20-30 जुलाई को यह इंटरव्यू रखे गए थे ।


द्वारका उपायुक्त अंटो अलफोंस  ने (यूपीएससी)परीक्षा परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद एएसआई राजकुमार व उनकी बेटी को अपने ऑफिस में बुलाकर,समस्त देश में 829 चयनित(IAS) में से (छठा-दर्जा) जैसी बड़ी उपलब्धि को हासिल करने के लिए विशाखा यादव को विशेषकर बधाई का पात्र बताते हुए सम्मानित किया । डीसीपी अलफोंस ने मीडिया-समक्ष बोलते हुए कहा हमें आज खुशी हो रही है कि हमारे दिल्ली पुलिस की बेटी ने उच्चतम छठे-दर्जे से (IAS) मुकाम को हासिल किया है,जो अत्यंत-काबिले तारीफ है ।



द्वारका जिला के किरण-गार्डन में  रहने वाली विशाखा यादव का यह तीसरा प्रयास था,जिसमें उन्होंने दो बार प्रीलिम्स एग्जाम में असफलता पाने के बाद भी अपनी मेहनत और जज्बे को कायम रखा, जिसके परिणाम स्वरूप उन्होंने अपने इस तीसरे प्रयास में यह उच्च-दर्जे के मुकाम को सार्थक-तरीके से हासिल किया ।


1986 से विशाखा के पिता राजकुमार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे तकरीबन (34) साल से पुलिस सेवा देते हुए इस समय वर्तमान में वह सहायक सब-इंस्पेक्टर के पद पर द्वारका डीसीपी ऑफिस में तैनात है । विशाखा यादव ने अपने यूपीईएस यूपीएससी की तैयारी के बारे में बताते हुए कहां यह मेरा तीसरा प्रयास था,मेरा सबसे पसंदीदा सब्जेक्ट पॉलीटिकल साइंस था । विशाखा ने दिल्ली टेक्निकल-यूनिवर्सिटी (डीटीयू) से बीटेक करने के बाद बेंगलुरु में इंजीनियरिंग की नौकरी को छोड़ते हुए दो ढाई साल पहले यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन  (यूपीएससी) की तैयारी में जुटी थी,अपनी रोजाना-दिनचर्या के बारे में को बताते हुए कहा,मैं सुबह कई घंटे तक लाइब्रेरी में जाकर पुस्तकें पढ़ती थी उन्होंने अपना प्रेरणा स्रोत सबसे पहले अपने पिता और पूर्व-राष्ट्रपति (मिसाइल-मैन) अब्दुल कलाम जी को अपना आइडियल बताया । दो बार यूपीएससी की परीक्षा में असफलता मिलने के बाद विशाखा यादव ने अपने हौसले को बुलंद रखते हुए तीसरे चरण में समस्त देश के (10-टॉपर)मे से छठे-दर्जे को हासिल करते हुए मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती (वाक्य) को बखूबी तौर पर दोहराया ।


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