Delhi : कॉल सेंटर में झूठी छापेमारी बताकर हुए नापाक-लूटपाट करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़े


आठ मुजरिमो में से तीन पुलिस के सिपाही, तीनों सिपाही तुरंत नौकरी से सस्पेंड


रिपोर्ट : अनिता गुलेरिया


दिल्ली : वसंत कुंज नॉर्थ इलाके के कॉल सेंटर में देर रात के समय आठ लोगों ने सेंटर मालिक को धमकाते हुए कहा तुम्हारे यहां पुलिस की छापेमारी हुई है, हम पुलिस स्टाफ से हैं। चुपचाप अपने सारे मोबाइल लैपटॉप और पैसे एक जगह पर रख दो, उसकी तफ्तीश की जाएगी। कॉल सेंटर मालिक नवीन सहरावत ने शक होने पर जब पुलिसकर्मियों से अपना आईडी कार्ड दिखाने को कहा तो सभी लोगो ने गुस्से में आ आकर स्टाफ और मालिक को थप्पड मारते हुए रिवाल्वर तानकर धमकाते हुए कहा, चुपचाप सारा सामान एक जगह पर रख दो। लेकिन कॉल सेंटर में पच्चीस के करीब स्टाफ के लोगों ने होशियारी दिखाते हुए सेंटर का मुख्य गेट बंद कर दिया और घेराव करते हुए उनको पकड़ने की कोशिश करने लगे। पकड़े जाने के डर से तीनों सिपाही पिछले गेट की तरफ से होते हुए बालकनी से ऊपरी मंजिल से नीचे कूदकर भाग गए और एक आरोपी जय कपूर को स्टाफ ने दबोचते हुए पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्त से पुछताछ करते हुए उसकी निशानदेही पर सातों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।


दक्षिण-पश्चिम डीसीपी देवेंद्र आर्या ने मीडिया-समक्ष बताते हुए कहा पकडे गए तीन पुलिस जवानो मे मालवीय नगर के दोनों सिपाहियों में से एक का नाम मन्नू कुमार,अमित व स्पेशल-सेल के सिपाही का नाम संदीप है बाकी पांच मुजरिमों के नाम जय कपूर, श्याम,ऋषि,शिवम व अमन इनमें से चार अपराधी महिपालपुर के निवासी है। पुलिस कड़ी पूछताछ दौरान आरोपियों ने अपना गुनाह कबूलते हुए बताया बताया  इसी कॉल सेंटर में काम करने वाले श्याम को लगता था,सेंटर से प्रंदह लाख तक की लूट हो सकती है इसके बारे में उसने अपने दोस्त ऋषि को लूट का प्लान बताया और आगे ऋषि का दोस्त सिपाही मन्नू कुमार था,उसने इसके बारे में अपने दो अन्य पुलिस वालों से बात करके लूटपाट की प्लानिंग बनाते हुए इस नापाक-वारदात को अंजाम देने के इरादे से चार आरोपी सेंटर के बाहर खड़े रहे तीनों पुलिसकर्मियों के साथ चौथा जय कपूर कॉल सेंटर के अंदर जाकर पुलिस रेड के बारे में झूठ बोलते हुए सारा सामान व कैश एक तरफ रखने को कहा,लेकिन कॉल सेंटर में मौजूद पच्चीस  के करीब लोगों की बहादुरी वह होशियारी के चलते आठों-आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।


आला अधिकारी अनुसार तीनों पुलिसकर्मियों को नौकरी से तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है और उनका पीछे का अपराधिक रिकार्ड खंगालने पर नहीं मिला है मन्नू कुमार वारदात के समय वर्दी में मौजूद था और उसने डराने के लिए सरकारी रिवाल्वर का इस्तेमाल भी किया था । उनके अनुसार मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है । कॉल सेंटर पीड़ित मालिक ने बताया दो ढाई महीने पहले भी सेंटर में कुछ बदमाश पुलिस वाले बनकर आए थे और उससे ढाई-लाख रुपए की लूट और पुलिस को सूचना ना देने के लिए धमकाते हुए चले गए थे । कुछ महीने पहले हुई इस वारदात के मद्देनजर ही सेंटर मालिक को इन लोगों पर शक जाहिर हुआ था वंसत कुंज-नॉर्थ पुलिस ने लूट की वारदात का मामला दर्जकर आरोपी तो लुटेरों से आगे की गहन-तफ्तीश जारी है,बता दें सूत्रों अनुसार दिल्ली के कई इलाकों से कई बार पीड़ितों द्वारा दबी जुबान में शिकायत देखने को मिलती है सादे कपड़ों में कुछ लोग अपने आप को पुलिस वाला बताकर सरेआम गुंडागर्दी व लूटपाट करते करते हुए पुलिस की धौंस देते नजर आते हैं,पुलिस वालों के डर से प्रताड़ित हुए लोग जल्दी से उनकी शिकायत दर्ज नहीं करवा पाते (दिल्ली पुलिस, दिल की पुलिस)नाम की छवि को सरेआम धूमिल करते इन भ्रष्टाचारी पुलिसकर्मियों पर क्या कभी पुलिस-विभाग द्वारा कोई सख्त सजा का प्रावधान हो पाएगा ?


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