CT वैल्यू 24 से अधिक तो कोरोना ज्यादा घातक नहीं


अपर सचिव, स्वास्थ्य ने जिले की मेडिकल व्यवस्था को सराहा


नेतागिरी करने वाले डॉक्टरों पर शिकंजा कसा जाए


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मीरजापुर, (उ0प्र0) : मां विंध्यवासिनी की कृपा तो झलक रही है कि जिले में कोरोना का रिकवरी रेट अच्छा है। अबतक गक्त 5 महीने से शुरु कोरोना काल मे 25 लोगों की मौत दु:खदाई तो है लेकिन पॉजिटिव होकर स्वस्थ होंने की गति अनुकूल जा रही है। जो राहत देने वाली बात है ।


CT वैल्यू 24 से अधिक तो खतरा कम : इस बीच जो तथ्य उभर कर आया है कि जिन मरीजों की CT वैल्यू 24 या उससे अधिक है, वे खतरे से बाहर हैं ही, साथ में इनके द्वारा संक्रमण फैलाने की संभावना नगण्य के ही समान है ।


प्रदेश के अपर सचिव, स्वास्थ्य ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रशासन को सराहा : गत दिवस कोरोना के VC में प्रदेश सरकार ने जिले की प्रभावी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कान्फ्रेन्सिंग के दौरान L-2 हॉस्पिटल के अंदर तक दिखाने के लिए कहा जिसे देखकर मिर्जापुर का नाम लेकर उन्होंने सराहना की।


किसी काम को अंजाम देना कठिन : किसी काम, चाहे वह व्यक्तिगत हो, निजी क्षेत्र का हो या सरकारी, उसे अंजाम देना कठिन तो होता है, अनर्गल बोलना आसान होता है। कोरोना-काल की अफरातफरी को जिसने नजदीक से देखा वही जान सकता है कि प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों की क्या स्थिति है ? जबकि दूर बैठे या सिर्फ कमी देखने वाले कुछ भी बोल देते हैं । जिले में कई-कई मजिस्ट्रेट, अधिकारी, पुलिस के अधिकारी पॉजिटिव होने के बावजूद होम-क्वारण्टाइन होते हुए काम-काज बचा कर निबटाते रहे।


जो ड्यूटी नहीं करते वे खुद अपनी व्यवस्था पर कीचड़ उछाल रहे हैं : यहां अस्पताल के वे डॉक्टर जिन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर कभी पोस्टमार्टम ड्यूटी नहीं की, उन्हें कोरोना काल में डॉक्टरों की ड्यूटी लगने की वजह से जब पोस्टमार्टम ड्यूटी करनी पड़ी तो वे पूरी व्यवस्था को चैलेंज देने के लिए उतर आए हैं । कोरोना के भयावह वक्त में  सरकारी डॉक्टर नेतागिरी पर उतर आएंगे तो जनता की क्या स्थिति होगी ? इस पर धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों को सोचना चाहिए। उनकी भी आम-शोहरत कैसी है, इसका पता लगा लेना चाहिए।


प्रशासन से अनुरोध : छोटे बच्चे मुहल्ले या गांवों में खेल कर आते हैं और गटगट पानी पी लेते हैं, यदि इन्हें बुखार आ जाए और रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाए तो इन्हें हर हालत में होम आइसोलेशन में रखने की अनुमति तो हो बल्कि इनका नाम भी जाहिर न हो क्योंकि माता-पिता बच्चों के मामले में ज्यादा घबरा जा रहे हैं।


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