बिना लोकल ट्रेन चलाये, मुंबई का ठप्प पड़ा सामान्य जनजीवन पटरी पर नहीं आएगा


मुंबई : मुंबई कांग्रेस पार्टी के रोजगार व स्वयं रोजगार सेल के महासचिव डॉ. सत्तार खान  ने सरकार से तुरंत आम आदमी के लिए लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है।  आज एक बयान में उन्होंने कहा कि या तो सरकार सभी के लिए ट्रेन चलाये अन्यथा वो सभी नागरिकों का घर चलाने के लिए पैसे का इंतजाम करे.।बिना लोकल ट्रेन चलाए मुंबई का सामान्य जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पायेगा।


डॉ.सत्तार खान ने कहा कि सभी लोग 6 माह से घर पर बैठे  हैं और अभी तक कोरोना की दवा नहीं आयी । आगे भी 6 माह तक दवा आने की कोई संभावना नहीं है,। ऐसे में क्या पब्लिक 6 माह तक घर में  बैठी रहेगी ?.अगर वह घर पर बैठी रहेगी तो उसका घर कैसे चलेगा .?


उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेन, बसें और टैक्सियाँ  डेढ़ महीने से भरकर चलकर रही है और उससे कोई कोरोना नहीं फैला तो आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन चलाने में तकलीफ क्या है ?. 6 माह से खर्च करते करते लोगों की सारी जमापूंजी ख़त्म हो चुकी है। .अब अधिकांश लोगों के पास पैसा नहीं बचा है .ऐसे में वे घर कैसे चलायें, अपने बच्चों और परिवार का पेट कैसे पालें .?यह प्रश्न लोगों के सामने मुँह बाये खड़ा है।


वहीं डॉ.सत्तार खान ने आगे कहा कि पब्लिक अब समझदार हो गयी  है और वह अपना बचाव करना जान गयी है। .अब सुरक्षा का जिम्मा पब्लिक पर छोड़ देना चाहिये। उन्होंने कहाकि अगर जल्द ट्रेन न चली तो  लोग  ज्यादा भूख और टेंशन से मर जायेंगे.। उन्होंने कहाकि काम धंधा बंद रहने से सबकी परेशानी बहुत बढ़ती जा रही है।


उन्होंने कहाकि जब  सरकारी कर्मचारियों के कार्ड पर पास बन रहा है तोउद्योग,कारखानों,निजी कार्यालयों, व्यापारियों और उनके स्टाफ के iकार्ड पर पास क्यों नहीं बन सकता है ?


अगर पब्लिक ने आवाज नहीं उठायी तो दिसंबर तक भी ट्रेन नहीं चलेगी।.लोकल ट्रेन में भीड़ न हो इसके लिए उन्होंने अलग कामों के लिए अलग अलग समय निर्धारित करने का सुझाव दिया है।


उन्होंने कहा कि सरकारी आफिस के लिए सुबह 7-30 बजे से 2 शाम.बजे तक,  कोर्ट और निजी कार्यालयों के लिए 10 प्रातः बजे से शाम 4 बजे तक, तथा दुकानों के लिए दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे का समय तय करने का सुझाव दिया है।


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