बिजली विभाग का उपयंत्री को सागर लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा


रिपोर्ट : निर्णय तिवारी


छतरपुर : जिले में भ्रष्टाचार के मामले एवं रिश्वतखोरी की खबरें आम बात हो गई हैं, चाहे किसी भी विभाग में देखा जाए आबकारी, खनिज विभाग या लोकल थाना, सभी जगह भ्रष्टाचार का बोलबाला देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन में जहां लोग अपने जरूरतों को पूरा करने में असहज महसूस कर रहे हैं, तो वही कुछ लोगों के द्वारा भ्रष्टाचार अपने चरम स्थिति में लगातार जारी देखा जा सकता है।


ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां मातगुंवा इलाके के हिम्मतपुरा निवासी चेतराम अहिरवार मुर्गी फॉर्म का संचालन करते हैं। उनके फार्म पर बिजली चोरी का केस दर्ज करने की धमकी देकर मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के जूनियर इंजीनियर अंकित सिजेरिया और लाइन मैन छकोड़ीलाल पटेल ने 20 हजार रुपए की मांग की। चेतराम को बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर ने बिजली चोरी के केस में 1 लाख रुपए का खर्च बताकर सस्ते में मामला निपटाने के एवज में 20 हजार मांगे थे। चेतराम के साथ सौदेबाजी के बाद 15 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। चेतराम ने इसकी सूचना सागर लोकायुक्त के डीएसपी राजेश खेड़े को दी। जिसके बाद लोकायुक्त टीम के कहने पर चेतराम ने 5 हजार रुपए आरोपियों को दे दिए। बाकी के 10 हजार रुपए की राशि बुधवार की सुबह 12 बजे छतरपुर के सागर रोड स्थित परिहार मार्केट गली नंबर तीन में आरोपी जूनियर इंजीनियर के घर पर देने की बात तय हुई। बुधवार को लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े अपनी टीम के साथ छतरपुर पहुंचे और शिकायतकर्ता चेतराम से आरोपी उपयंत्री को 10 हजार रुपए भिजवा दिए। जूनियर इंजीनियर ने लाइनमैन की मौजूदगी में रिश्वत के दस हजार रुपए लिए तभी लोकायुक्त की टीम घर पर आ धमकी और दोनों को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।


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