बारह-साल की मासूम दरिंदगी की हुई शिकार, कई घातकीय-वार होने से नाजुक स्थिति होने पर एम्स में भर्ती


रिपोर्ट : अनिता गुलेरिया


दिल्ली : राजधानी के पीरा-गढ़ी में एक बारह साल की मासूम बच्ची इंसानियत को शर्मसार हृदय विदारक दरिंदगी का हुई शिकार। मासूम के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर किसी धारदार हथियार से किए गए अति-घातकिय वार। बाहरी जिला पश्चिम-विहार वेस्ट पुलिस ने कल शाम बच्ची को मंगोलपूरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया तो उसके गुप्तांगों से लगातार ब्लीडिंग हो रही थी, उसका पूरा शरीर खून से लथपथ था, उसके सिर और हिप्स में काफी गहरे जख्म देखने को मिले। मेडिकल डॉक्टरों की टीम द्वारा पीड़िता के जख्मों को देखकर पुरी तरह से दिल पसीज उठा। संजय गांधी स्थित डॉक्टरों की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे प्रारंभिक उपचार दौरान टांके लगाने के बाद (एम्स) अस्पताल रेफर कर दिया, एम्स में मासूम-पीड़िता की हालत बेहद नाजुक, अति-चिंतनीय व इस समय मासूम बच्ची जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही हैं। पुलिस-आधिकारिक सूत्रों ने मासूम पीड़िता की स्थिति देखकर आशंका जताते हुए कहा, ऐसा लगता है जिस समय बच्ची घर पर अकेली थी, उसके साथ पहले कुकृत्य व बाद में हत्या की कोशिश की गई है। लेकिन पुलिस के एक वरिष्ठ-अधिकारी ने कहा, अभी फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट नहीं मिलने की वजह से रेप की पुष्टि नहीं की जा सकती है, हो सकता है कि किसी सिरफिरे ने ही बच्ची पर घातक-हमला किया हो ऐसे में बच्ची के परिजनों व पुलिस को समझ नहीं आ रहा आखिर मासूम के साथ किसी की क्या दुश्मनी थी जो इस तरह किसी अज्ञात द्वारा इस वीभत्स घटना को अंजाम दिया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से समस्त इलाके के स्थानीय लोग काफी ज्यादा डरे सहमे हुए हैं,क्योंकि जिस तरह से दिन-दिहाड़े घर मे घुसकर एक मासूम बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गई हैं,जो सच मे दिल दहला देने वाली काफी डरावनी वारदात है। वहीं महिलाओ व मासूम बच्चियों के साथ आये दिन आपराधिक वारदाते होती रहती हैं,लेकिन इस मामले ने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। वहीं बच्ची की गंभीर-हालत को देखते हुए उसके साथ रेप की आशंका से भी कतई इंकार नही किया जा सकता है।


बाहरी जिला उपायुक्त डाॅ ए.कोन के दिशा-निर्देशानुसार पश्चिम विहार के एसीपी विनय माथुर खुद इस मामले की बड़ी गहनता से जांच कर रहे हैं और लगभग पूरे थाने की पुलिस सहित जिले का स्पेशल-स्टाफ और पुलिस की कई संयुक्त-टीमें इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए स्थानीय लोगों से पूछताछ करते हुए अपने सूचना-तंत्र माध्यमों द्वारा पुख्ता-जानकारी जुटाते हुए इस अति-दर्दनाक घटना के वहशी दरिंदो पर शिकंजा कसने हेतु पुलिस की संयुक्त-टीमे इस केस से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर काम कर रही है राजधानी दिल्ली में हुई इस हदय-विदारक घटना ने कहीं न कहीं एक बार फिर से निर्भया केस की यादें ताज़ा कर दी हैं । समझ नहीं आता इस तरह से होने वाली आरती भयंकर दर्दनाक-वारदातों के वहशी दरिंदों को तुरंत फांसी पर लटकाने की सजा को कब अमलीजामा पहनाया जाएगा ? आए दिन नई आभागी-मासूम निर्भया की लगातार बढ़ोतरी होने का मुख्य कारण हमारे देश की लचर-कानून व्यवस्था नहीं तो और कौन ? अभी संविधान में संशोधन अनुसार नाबालिगों के साथ हुए मामले के मुख्य मामले के दरिंदों को हुई फांसी की सजा को कागदी लकीरों में उबारने की बजाए आखिर धरातल पर कब उतारा जाएगा ?


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