अधिकारियो की मनमानी से कंटेनमेंट एरिया में शासन के नियमों की उड़ाई जा रही हैं धज्जियां


रिपोर्ट : निर्णय तिवारी


छतरपुर/खजुराहो : कोरोना महामारी मैं पूरे प्रदेश के कर्मचारी दिन रात एक कर लोगों की जान की सुरक्षा हेतु एवं कोरोना की रोकथाम के लिए लगातार प्रयासरत हैं एवं महामारी से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा सख्ती से कार्य किए जा रहे हैं। तो वही खजुराहो में अधिकारियों द्वारा कोरोना महामारी को मजाक बनाकर रख दिया गया जिस तरह पूरे देश में  कोरोना अपने पैर पसार रहा है। उससे लोगों में  डर  एवं निराशा देखने को मिल रही है ऐसा ही एक मामला आज खजुराहो पर्यटन नगरी में देखने को मिला। जहां बीते समय में कुछ करोना पॉजिटिव पेसेंट पाए गए थे। जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने के उपरांत उन्हें फूल माला पहनाकर घर पहुंचाया गया। और तीन इलाकों में लगे कंटेनमेंट एरिया को धीरे.धीरे हटाया गया जिससे लोगों में राहत देखने को मिली लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण शुक्रवार को शाम सेवाग्राम में एक कोरोना पॉजिटिव की जानकारी होने पर पूरे इलाके को कंटेनमेंट जोन में तब्दील कर दिया गया इतना कुछ होने के उपरांत भी अधिकारियो मैं बिल्कुल भी सतर्कता देखने को नहीं मिल रही लगाए गए कंटेनमेंट जोन में एक तरफ जहां अधिकारियों द्वारा कंटेनमेंट जोन में तब्दील के उपरांत फोटो खींचकर अपनी वाहवाही की जा रही थी तो वही कंटेनमेंट जोन के अन्य मार्गों में बैरियर लगाने के उपरांत कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी देखने को नहीं मिला इस तरह की लापरवाही निश्चित तौर पर खजुराहो के लिए घातक हो सकती है यदि ऐसा ही बना रहा तो आने वाली स्थिति और भी भयावह हो सकती है।



आपको जानकारी दे दे की खजुराहो में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद शहर के जिन एरिया  को कंटेन्मेंट जोन बनाया गया है वहां पर भारत सरकार की गाइड लाइन सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। कंटेन्मेंट जोन बने दो मोहल्लों को प्रशासन ने बल्लिया और टेंट लगाकर सील जरूर किया। लेकिन निगरानी के अभाव में मोहल्ले के लोगों ने बंधी हुई रस्सी छोड़ कर किनारे आने.जाने का रास्ता बना लिया है तो वही पर्यटन नगरी में बीते दिन सेवाग्राम में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने पर प्रशासन ने तुरंत  मोहल्ले को प्रशासन सील तो किया पर अधिकारियो की तैनाती भूल गया है। ऐसे में इन मोहल्लों में लोग बेधड़क धूम रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है लॉकडाउन  खत्म होने के बाद एवं अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ होने के बाद से लेकर प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार यदि कोई कोरोना पॉजिटिव मिलता है तो उसका मोहल्ला कंटेन्मेंट जोन घोषित किया जाता है। बैरिकैडिंग कर संक्रमित के घर से लगभग 100 मीटर की परिधि का एरिया सील किया जाता है। मोहल्ले की दुकानों के साथ लोगों का घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया जाता है। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई का जिम्मा भी प्रशासन पर रहता हैए एवं  दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे सब्जी दूध  इत्यादि  चीजों के लिए  दैनिक  रोजमर्रा के अनुसार  लोगों का आना जाना  सुचारू किया जाता है  पर शहर के कंटेन्मेंट जोन घोषित किए मोहल्लों में भारत सरकार की गाइड लाइन का पालन कराने में ढिलाई बरती जा रही है।


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