आनंदेश्वर रेत कंपनी द्वारा रेत करोबारियों की मनमानी से प्रशासन को नहीं कोई परेशानी


रिपोर्ट : निर्णय तिवारी


छतरपुर : जिले में माफियाओं का कहर लगातार जारी है। रेत माफिया के द्वारा कभी प्रशासन को ठेंगा दिखाया जाता है, तो कभी आम आदमी पर गाड़ियां से कुचलकर मुंह बंद करा दिया जाता है, तो कभी हथियारों की नोक पर डराया धमकाया जाता है। यह सितम बदस्तूर सालों से चला आ रहा है। सरकारें आई और गई पर इन पर किसी भी प्रकार की रोकथाम नहीं की जा सकती। आज एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां छतरपुर जिले में आनंदेश्वर कंपनी द्वारा महंगी रेत खदान लेने के बाद कंपनी जगह जगह यूपी के लोगों को कंटेनर के साथ बैठालकर रॉयल्टी वसूली जा रही, जबकि शासन द्वारा जिले में इनके मात्र चार से पांच रेत डंप स्वीकृत किए गए है, जो चंदला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते है और अब चंदला विधानसभा क्षेत्र की आड़ में संपूर्ण जिले में अवैध वसूली ट्रैक्टर व ट्रक वाहनों से की जा रही है। हाल ही में सटई रोड स्थित रामगढ़ से आनंदेश्वर कंपनी द्वारा एक कंटेनर रखवाया गया। जिसमें ट्रैक्टरों को रोककर रॉयल्टी दी जा रही है। वह रॉयल्टी चंदला विधानसभा में स्वीकृत रेत की है और बड़ा सवाल यह उठता है कि जिस जगह कैंटर लगाया गया है। उस जगह के आसपास ना ही कोई नदी है और ना ही कोई स्वीकृत रेत डंप, फिर आखिर किस बात के यह पैसे लोगों से वसूल रहे हैं।


इस वसूली के सामने क्या पूरा जिला प्रशासन नतमस्तक है, जो अवैधानिक रूप से लगातार पैसा उगा रहे हैं और प्रशासन भी तमाशबीन बना हुआ है। जबकि रेत कारोबारियों ने आज इकट्ठा होकर मीडिया से रूबरू होकर बोले कि सभी रेत कारोबारी रॉयल्टी देने को तैयार है पर रॉयल्टी सही हो और सही स्थान की हो और अगर रॉयल्टी देते हैं तो रेत भी दें हम लोग परेशान हैं क्योंकि तीन से 4000 कि यह रॉयल्टी देते हैं और उसमें रेत अलग से लेनी होती है। तब जाकर रेत का टोटल खर्च 10 से 12000 आ जाता है। जब कारोबारियों से रेत इस रेट पर मिलता है तो आम जनता को किस एवज में रेत उपलब्ध कराएंगे। अगर जिले में ऐसे ही चलता रहा तो संपूर्ण जिले में रेत की बड़ी कमी आ जाएगी। एक तरफ सरकार का कहना है कि इन ठेकेदारों को देने के बाद जिले में कहीं भी रेत की कमी नहीं होगी। वही जिले में अगर ऐसी स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में रेत की त्राहि-त्राहि मच जाएगी। जिससे साफ तौर से यह माना जा रहा है कि सरकार के नुमाइंदे सरकार की योजनाओं पर कालिख पोतने का काम कर रहे हैं।


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