विक्रम जोशी की हत्या से पत्रकारों में आक्रोश


रिपोर्ट : एडवोकेट अभय शर्मा


मिर्जापुर, (0प्र0) : गाजियाबाद में छेड़खानी का रिपोर्ट पुलिस में लिखवाने वाले पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के बाद जनपद के पत्रकारों में भी आक्रोश व्याप्त हैं । मुख्यमंत्री से संबोधित पत्रक डीएम को सौंपा गया। जिसमें नारी-सम्मान की रक्षा के लिए जान देने वाले पत्रकार विक्रम जोशी के सम्मान में पुरस्कार घोषित किए जाने की मांग की गई हैं । मुख्यमंत्री द्वारा मृतक आश्रित के लिए सहायता राशि, उनकी पत्नी को शासकीय सेवा तथा बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था के संबन्ध में लिए गए निर्णय की सराहना की गई हैं ।


पत्रक में कहा गया है कि उत्तर-प्रदेश में नारी सम्मान की रक्षा के लिए कार्य करने वाले पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को प्रत्येक वर्ष 'विक्रम जोशी नारी-सुरक्षा सम्मान' दिया जाए। इस वर्ष 15 अगस्त '20 को यह अलंकरण उनके परिवार को दिया जाए। इस अलंकरण से विभूषित व्यक्ति को महिला आयोग, महिलाओं के कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के क्रियान्वयन समिति में बतौर पदाधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए। अवांछित तत्वों से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर निर्धारित समय पर कार्रवाई न करने वाले पुलिसजनों का इंक्रीमेंट रोक कर उनकी सेवा को ब्रेक दिया जाना चाहिए। हर शिक्षण संस्थानों में जहां महिलाएं अध्ययनरत हैं, उसमें 'विक्रम जोशी एक्शन फोर्स' का गठन किया जाना चाहिए। 


महिलाओं के साथ अपराध करने वाले अवांछित तत्वों के परिजनों पर भी अपराधी को संरक्षण देने का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सह-अभियुक्त बनाया जाना चाहिए। नारी सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए नारी उत्पीड़न एवं अपराध के मामलों की सुनवाई तथा फैसले की समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए। महिलाओं के प्रति जघन्य अपराध में आरोपित अभियुक्त की जमानत लेने वालों की 'हिस्ट्रीशीट' संबंधित थाने में बनाई जानी चाहिए।


आरोपित अपराधी को सरकारी विभागों में किसी भी प्रकार से कारोबार के लिए हमेशा के लिए अयोग्य घोषित करना चाहिए। इस तरह के अपराधी को किसी भी मान्यताप्राप्त दल में सदस्य बनने के लिए अयोग्य तथा किसी भी स्तर के चुनाव लड़ने पर अयोग्य घोषित करना चाहिए। महिला अपराध में दंडित का राशनकार्ड, मोबाइल फोन, वाहन रजिस्ट्रेशन निर्धारित समय-सीमा तक निरस्त किया जाना चाहिए।


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