वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर अव्यवस्था के आरोप


रिपोर्ट : एडवोकेट विनीत दूबे


प्रयागराज, (उ0प्र0) : कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई की व्यवस्था की है। हाईकोर्ट द्वारा सुनवाई के लिए परिसर से बाहर गेट संख्या 3 ए, 3 बी, 5 तथा पवेलियन साइड में बनाए गए। क्यूबिक केबिन पूरी तरह अव्यवस्थित और गंदे मिले। सुबह 10 बजे जब अधिवक्ता क्यूबिक पहुंचे तो वहां लगे कंप्यूटरों का लिंक शुरू नहीं हुआ था। लगभग एक-दो घंटे यही स्थिति बनी रही। अधिवक्ताओं का कहना है कि क्यूबिक काफी छोटा बनाया गया है, जिसमें सिर्फ एक मेज रखी है, जहां तीन या चार वकील खड़े होकर बहस नहीं कर सकते, क्योंकि इससे शारीरिक दूरी के मानक का पालन नहीं हो सकता। वकीलों का यह भी आरोप है कि क्यूबिक में पान- गुटखे के पाउच यहां-वहां फैले हुए थे। सैनिटाइजेशन की व्यवस्था भी नहीं की गई थी।


हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव प्रभा शंकर मिश्र ने मुख्य न्यायमूर्ति को पत्र लिखकर बताया कि क्यूबिक का निरीक्षण उन्होंने स्वयं किया। अधिवक्तागण इस व्यवस्था से बहुत परेशानी अनुभव कर रहे हैं। 99% अधिवक्ता तकनीकी रूप से प्रशिक्षित भी नहीं है अतः वे इस व्यवस्था के लिए कतई तैयार नहीं है। पूर्ववत व्यवस्था यदि संभव हो तो ठीक है, अन्यथा न्यायालय तुरंत बंद करने की कृपा करें। इसी तरह बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने भी मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर से पत्र लिखकर प्रार्थना किया कि मैन्युअल, ई-फाइलिंग को फिर से शुरू की जाये। यदि संभव हो तो सैनिटाइजेशन के बाद फाइल को सुनवाई के लिए भेजा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फिजिकल हियरिंग में शारीरिक दूरी के नियम का पालन हो रहा था। इसके अलावा 20 अप्रैल 2020 को पारित हाईकोर्ट के आदेशानुसार जरूरतमंद अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता दी गई थी, जिसमें बार  एसोसिएशन के फंड से 80 लाख रुपए खर्च हुए जबकि 18 मार्च से बंद पड़े फोटो एफिडेविट सेंटर के कारण बार एसोसिएशन की आय पर असर पड़ा है। अतः उसे पुनः आरंभ करवाने की व्यवस्था करें।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान होने वाली असुविधा और अव्यवस्था के बारे में जानकर मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने आदेश दिया कि 24 जुलाई 2020 से अति आवश्यक मुकदमों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश के सामने होगी। इसके अलावा कोई कोर्ट नहीं बैठेगी। 27 जुलाई से शारीरिक उपस्थिति और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग दोनों माध्यमों द्वारा सुनवाई होगी। इसके साथ ही मैनुअल और ई-फाइलिंग द्वारा मुकदमे दाखिल किए जाएंगे, साथ ही 24 जुलाई को होने वाली सुनवाई 4-5 अगस्त को होगी तथा कोर्ट के क्रियान्वयन की अधिसूचना अलग से जारी की जाएगी। यह जानकारी महा निबंधक अजय कुमार श्रीवास्तव ने दी है।


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