वंचित लड़कियों की शिक्षा के लिए एमजी मोटर इंडिया की ई-लर्निंग पहल


मुंबई : कोरोनावायरस प्रकोप के बीच बने 'न्यू नॉर्मल' के लिए वंचित तबके की लड़कियों की शिक्षा के लिए एमजी मोटर इंडिया ने अब इम्पैक्ट (IIMPACT) के साथ 'इम्पैक्ट-टेक स्टुडियो: ई-शिक्षा, एक नई दिशा' नामक ई-लर्निंग पहल शुरू की है। बालिका शिक्षा के लिए एन.जी.ओ. पहल के हिस्से के रूप में कार निर्माता 5 शहरों में 15 इम्पैक्ट लर्निंग सेंटर (एलसी) को ई-लर्निंग सॉल्युशन से लैस करेगा।


भारत में कार निर्माता के आने के बाद से एमजी और इम्पैक्ट की सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित तबके की लड़कियों की शिक्षा के लिए सक्रिय भागीदारी रही है। अब तक एमजी ने पूरे देश में इम्पैक्ट के 50 लर्निंग सेंटर्स को सपोर्ट किया है। एमजी और इम्पैक्ट दोनों अब इनमें से 15 केंद्रों को ई-लर्निंग सेंटर बना रहे हैं, जिसकी शुरुआत 5 शहरों से होगी। कार निर्माता साथ ही इम्पैक्ट हेडक्वार्टर के ट्रेनिंग और प्रोफेशनल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के टेक इनेबलमेंट को ड्राइव कर रहा है। इसका दूरगामी असर दिखाई देगा और यह 11 राज्यों में अतिरिक्त 1800+ इम्पैक्ट एलसी को सशक्त करेगा।


इस पहल के तहत प्रायमरी फोकस छात्रों और शिक्षकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सामग्री तैयार करने पर है। यह शिक्षकों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट के साथ प्रोग्राम को आगे बढ़ाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। एमजी हेक्टर और एमजी हेक्टर प्लस की प्रत्येक बिक्री में से एक हिस्सा सीधे इस पहल / बालिका शिक्षा में जाता है। एमजी ने पहले भी इसी तरह का कार्यक्रम चलाया था और भारत में 60,000 से अधिक लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट किया था।


एमजी मोटर इंडिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव चाबा ने इस पहल पर कहा, “आज, देश भर के छात्र ‘स्टडी फ्रॉम होम’ मॉडल से पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि ऐसा करने में सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित तबके की छात्राओं को नुकसान हो रहा है क्योंकि उनके पास डिजिटल उपकरण नहीं है। इस वजह से इम्पैक्ट के साथ, हमारा विजन इस नीड-गैप को बहुत हद तक दूर करने का है। हम स्कूली छात्राओं को शिक्षा से बहुत ज्यादा देना चाहते हैं। इस पहल के साथ, हम उन्हें पंख देने का इरादा रखते हैं।”


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