मुस्लिम सामाज ने बकरा ईद में कुर्बानी करने का परमिशन दिए जाने की मांग की

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य गफूर खान ने राज्य सरकार से की मांग


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : आगामी एक अगस्त को आने वाले मुस्लिम समाज के प्रमुख त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) के दिन कुर्बानी की छूट दिये जाने की मुस्लिम सामाज की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। जिसके लिए तत्काल निर्णय व व्यवस्था करने की मांग मुंबई प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि गफूर खान ने राज्य के मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष व महसूल मंत्री बालासाहेब थोरात और गृहमंत्री अनिल देशमुख से किया है।


ज्ञात हो कि मुस्लिम समाज का प्रमुख पर्व बकरा ईद तीन हमेशा ही तीन दिनों तक मनाया जाता है। बकरा ईद के दिन कुर्बानी अनिवार्य माना जाता है। पूरे विश्व में हर साल बड़े पैमाने पर हर्षोल्लास के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग बकरा ईद का त्योहार मनाते हैं। लेकिन इस साल कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए सम्पूर्ण राज्य में लॉकडाउन घोषित किए जाने से अनेक पर्व और त्योहार नहीं मनाए गए। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान ही कुछ शर्तों के आधार पर गणेशोत्सव पर्व मनाने का निर्णय सरकार की ओर से लिया गया है। परंतु मुस्लिम समाज का प्रमुख पर्व बकरा ईद के आयोजन के बारे में सरकार की ओर से कुछ गाइड लाइन जारी किया गया है। ऐसे में मुंबई सहित पूरे राज्य के मुस्लिमों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिसके कारण मुंबई प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि गफूर खान ने राज्य के मुख्यमंत्री से बकरा ईद के दिन कुर्बानी में छूट देने की मांग की है।


खान के अनुसार कोरोना के दौर में जिस तरह गणेशोत्सव का पर्व आयोजित करने का फैसला सरकार की ओर से लिया गया है। उसी पार्श्वभूमि को ध्यान में रखते हुए आगामी एक अगस्त को आने वाले मुस्लिम समाज के प्रमुख पर्व बकरा ईद के दिन कुर्बानी में छूट देने और तत्काल व्यवस्था करने करने की मांग की है। जिससे कि मुस्लिम समुदाय के लोग हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को आयोजित कर सकें।



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