Mumbai : लॉक डाउन से अधिक मुंबईकर कर्जे, भुखमरी के कारण मरने के हालात में पहुंच चुके है


रिपोर्ट : यशपाल शर्मा


मुंबई : कोरोना लॉक डाउन के कारण जहां विश्वभर की चाल बदल दी है। वहीं देश भर के विभिन्न राज्यों से लेकर महानगरों शहरों में निवास करने वाले नागरिकों की दुर्दशा, पीड़ा असहनीय होते जा रही है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईशान्य मुंबई स्लम सेल तालुका अध्यक्ष वसंत कुंभार ने केंद्र से लेकर राज्य की उद्धव सरकार को चेताया कि लॉक डाउन बढ़ाते जा रहे हो पर इस निरंतर बढ़ने वाले लॉक डाउन से मुंबई करी जनता के दिन ब दिन हाल और चाल दोनों बिगडते जा रहे है। लॉक डाउन से अधिक मुंबईकर कर्जे, भुखमरी के कारण मरने के हालात में पहुंच चुके है। मजदूर वर्ग भूखे मरने की बजाये गांवों पहुंच चुकी, जनता के मुंबई के घरों, दुकानों में ताले टूटने लगे है। तीन महीनों के भीतर चोरियों का ग्राफ मुंबई के विभिन्न राहीवासिय हिस्सों में सेंसेक्स की ऊँचाई छूने में लगा है।


शिवाजीनगर-मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत झोपट्टी बहुल क्षेत्रों में विशेषकर मानखुर्द, मंडाला में मोबाइल दुकानों के मोबाइल समेत कैश रुपए हिंदुस्थान कोआपरेटिव बैंक का छपरा काटकर चोर कंप्यूटर लेकर रफू चक्कर हो गये, कुछ इसी तरह का आलम शिवाजीनगर गोवंडी की झोपड़पट्टियों में देखने को मिल रहा है। कहा जाता है कि महानगरों में पॉश एरिया से लेकर झोपड़ियो में स्थित दुकानो का भारी-भरकम लाइट का बिल, किराया, मजदूरों की 3 महीनों की पागार का तनाव सताने लगा है। वहीं लॉक डाउन में घरों में बंद राहीवासिय जनता के सम्मुख भी भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके है, गर्दन पर लटकती कर्ज के बोझ की तलवार, किराये के मकान का भाड़ा चढ़ चुका, लाइट का बिल, बच्चों की 3 महीनो की स्कूलों की फीस के आगे जनता बेबस और लाचार साबित हो चुकी है। इसी समस्या को लेकर क्षेत्र की सामजसेवी संगठनों द्वारा राज्य की महाविकास आघाडी सरकार तक पहुंचने के लिये जनआंदोलन की तैयारी करने में जुटे कार्यकर्ताओ स्थानीय लोकल पुलिस स्टेशन से कोई सहयोग नहीं मिल पा रहा रहा है।


राज्य की उद्धव सरकार ने कोरोना लॉक डाउन का हवाला देकर राहीवासिय क्षेत्रों में कहीं भी 4 व्यक्ति जमाव बंदी नही करने का सख्त कानून लागू किया है। मोर्चा आंदोलनों को लोकल पुलिस थाने के अधिकारियों द्वारा परमिशन नहीं दिया जा रहा है।ईशान्य मुंबई कांग्रेस पार्टी स्लम सेल के तालुका अध्यक्ष वसंत कुंभार के नेतृत में कांग्रेस पार्टी का एक शिष्ट मंडल जिसमें पीसीसी सदस्य सुनील येवले, विनोद जैन सहित कई लोगों ने शिवाजीनगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरक्षक किशोर से मिलकर 3 तारिक को ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी की और से केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल डीजल को लेकर बढ़ाये गये भाव के विरोध में जनांदोलन करने के लिये पुलिस परमिशन की मांग किया था। परंतु वरिष्ट निरक्षक ने धारा 144 का हवाला देकर परमिशन देने से इंकार कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि राज्य भर में धारा 144 लागू है तो मुंबई के जे.जे अस्पताल के कर्मचारियों को कैसे जन आंदोलन करने के लिये सरकार की और से परमिशन मुहैया करवाया गया। क्या भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में लॉक डाउन की बल वेधी पर चढ़ चुकी जनता राज्य सरकार से लेकर केंद्र की मोदी सरकार तक किस प्रकार से अपनी व्यवथा ,शिकायत, पीड़ा पहुंचाये।


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