Mirzapur : संचारी रोग नियंत्रण अभियान - जनपद में एईएस/जेई को कोई मरीज नहीं 


- एक जुलाई से चल रहा अभियान 31 जुलाई को होगा खत्म


- घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रही विभागीय टीम


रिपोर्ट : टी0सी0 विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (0प्र0) : जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का असर दिखने लगा है। अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की लगातार तत्परता से जिले में अभी तक कोई भी बच्चा तीव्र इन्सेफलाइटिस सिनड्रोम् (एईएस) / जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई ) से संक्रमित नहीं मिला है।


सहायक मलेरिया अधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मच्छरों के प्रकोप और कोरोना महामारी से बचाव की जानकारी देने में जुटी है। सभी के प्रयास से जनपद में अभी तक कोई भी बच्चा तीव्र इन्सेफलाइटिस सिनड्रोम् (एईएस) / जापानी इन्सेफलाइटिस (जेई ) से संक्रमित नहीं मिला है। जनपद के सिटी विकास खण्ड में खुटहां मौनस ग्राम में सहायक मलेरिया अधिकारी और मलेरिया इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एएनएमए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिये घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों और कोरोना के प्रति जागरूक कराया जा रहा है।


मलेरिया इंस्पेक्टर तरूण भारती ने बताया कि गृह भ्रमण के दौरान आशा एएनएम को कोविड प्रोटोकाल का ध्यान रखने को कहा गया है। आशा कार्यकर्ता मास्क जरूर लगाएं,  हाथों को हर एक घंटे पर साबुन से धोएं, कम से कम दो गज की दूरी से बात करें, घर की कुण्डी या दरवाजा न छुएं और न खटखटाएं आवाज देकर परिवार के सदस्यों को बुलाएं और बात करें। साथ ही ग्रामवासियों को कोरोना महामारी से बचने के बाबत भी जानकारी दी जा रही है। साथ ही बताया जा रहा है कि अगर किसी में भी कोरोना के लक्षण प्रतीत हो तो वह फौरन अपनी सीएचसी पर जांच कराये।


संचारी रोग से बचाव के तरीके



  • डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में प्रजनन करता है। इसलिए कूलर, पानी की टंकी और गमले आदि में साफ पानी एकत्रित न होने दें।

  • कूलर व पानी की टंकी सप्ताह में एक बार खाली कर सुखा कर दोबारा इस्तेमाल करें।

  • दिन में पूरी बाजू के कपड़े व मोजे पहनें और छोटे बच्चों को मच्छरदानी में सुलाएं।

  • तेज बुखारए आंखों के पीछे दर्दए बदन में चकत्ते होने की दशा में तत्काल जिला अस्पताल अथवा पास के किसी स्वास्थ्य  केंद्र में जांच करवाएं।


अभियान की  उपलब्धि


संचारी अभियान के तहत अभी तक जिले में 548 नये शौचालयों का निर्माण किया गया। नगरपालिंका परिषद द्वारा नगर के 26 वार्डो के नालियों की सफाई व कचड़े का निस्तारण किया जा चुका हैं। कृषि विभाग के सहयोग से अभी तक जिले में 848 गोष्ठी के माध्यम से प्रचार.प्रसार का काम किया गया है। सूचना विभाग ने 12 समाचार पत्रों में जागरूकता सम्बन्धी सूचनायें प्रकाशित करवाई है। पशुपालन विभाग अभी तक 138 सूकरपालकों का संवेदीकरण करने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही 28 सूकरबाड़ों की सफाई भी कराई गई।


जिलेवासियों ने भी की सराहना


ग्राम तिलयी की सरिता शुक्ल का कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान से काफी फायदेमंद है। गांव में एण्टीलार्वा के छिड़काव के साथ  लगातार फागिंग कराई जाती है।  ऐसा अभियान अगर ऐसा ही चला तो तो  जिले के कई  गांव से गंदगी और बीमारी साफ हो जायेगी। 


वहीं खुटहां गांव की सविता सिंह ने बताया कि  लगातार जागरूकता अभियान चलने से  आज गांव – घर  की नालियां साफ हो रही हैं। लोग  कूलर में  हर दूसरे दिन बदल रहे हैं।  इससे हमारे गांव में मच्छरों की संख्या काफी कम हुई है।


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