Mirzapur : मृतक आश्रित में नौकरी पाने वह पिता के फंड के पैसे के लालच में बेटे ने ही खेली थी खून की होली


चील्ह थाना क्षेत्र के मुजेहरा कला में हुई महिला की हत्या व पिता की हत्या का था प्रयास का अभियुक्त गिरफ्तार, आलाकत्ल बरामद


रिपोर्ट : तुषार विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (0प्र0) : नगर के थाना चील्ह क्षेत्रान्तर्गत मुजेहरा कला गांव में 14 जुलाई की रात घटी घटना का अनावरण पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह 19 जुलाई को कर दिया। पुलिस के अनुसार पिता द्वारा बुआ व संदीप की बहनों की तरफ झुकाव और उन्हे पैसे में कुछ अंश देने का संदेह तथा मृतक आश्रित में नौकरी पाने वह पिता के फंड के पैसे के लालच में उनके ही बेटे ने ही खेली थी खून की होली।


बता दें 14 जुलाई 2020 को थाना चील्ह के मुजेहरा कला गांव में भगवती प्रसाद पुत्र स्व0 राम रंगीले उम्र- 59 वर्ष व उनकी पत्नी सुशीला उम्र-55 वर्ष तथा बहन उर्मिला उम्र-50 वर्ष को धारदार हथियार से घायल कर दिया गया था, जिससे सुशीला देवी की मृत्यु अस्पताल ले जाते समय हो गई थी तथा भगवती प्रसाद व उनकी बहन उर्मिला ट्रामा सेन्टर वाराणसी रेफर हो गए थे। उक्त घटना के संबंध में भगवती प्रसाद के पुत्र संदीप उम्र-35 वर्ष की तहरीर पर थाना चील्ह पर धारा 302, 307, 324 भा0द0वि0 बनाम 2 अज्ञात पंजीकृत किया गया। घटना के अनावरण में स्वाट टीम, एसओजी व प्रभारी निरीक्षक चील्ह द्वारा हर दृष्टिकोण से अभिसूचना संकलन व तथ्यों व साक्ष्यों की उपलब्धता से यह प्रमाणित होने पर कि लड़के संदीप ने ही मृतक आश्रित की नौकरी व फंड के पैसे के लालच में अपने पिता की हत्या करने का प्रयास किया था, परंतु सफल नहीं हुआ, बीच में आयी मां सुशीला देवी को धारदार हथियार चाकू से प्रहार करने से उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने 18 जुलाई 2020 की शाम लगभग 5:30 बजे अभियुक्त संदीप को उसके घर से हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही पर घर में ही छत के कमरे से कबाड छिपाकर रखा आलाकत्ल एक बड़ी एक छोटी चाकू व एक कुल्हाड़ी बरामद किया गया।


पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के अनुसार मजरुब भगवती प्रसाद नगर पालिका में पंप ऑपरेटर के पद पर नियुक्त है, जिनका रिटायरमेंट मार्च 2021 में होना है। यह अपने गांव मुजेहरा कलां में अपनी पत्नी सुशीला, बहन उर्मिला, बेटा संदीप तथा बहू प्रियंका व दो छोटे पोते पोतियो के साथ रहते हैं। बेटे संदीप की शादी दिसंबर 2013 में ज्ञानपुर जनपद भदोही में हुई है, संदीप एम0काम0 किया है, तथा प्राइवेट नौकरी करता है, वर्तमान में नौकरी छूट गई थी, जिससे परेशान रहता था। इसी दौरान पिता द्वारा बुआ व संदीप की बहनों की तरफ बढ़ता झुकाव और उन्हे पैसे में कुछ अंश देने का संदेह तथा मृतक आश्रित में नौकरी पाने वह पिता के फंड के पैसे के लालच में उनकी हत्या की योजना बनाई।


29 जून को उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके चली गई थी। 13 जुलाई को संदीप ने पुरजागीर बाजार से एक छोटे चाकू खरीदा तथा घर में रखे पुराने बड़े चाकू में धार लगवाई। 14 जुलाई को अपनी मोटरसाइकिल से अपने ससुराल गया। वहां कपड़ा उतार कर लोअर टी शर्ट पहन कर ससुराल वालों से यह कह कर निकला कि खाना बनाओ अभी एक-दो घंटे में वापस आता हूं, और रास्ते में अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर करीब 9:30 बजे रात्रि में अपने घर के पास पहुंचकर मोटरसाइकिल बाहर खड़ी कर पास के बगीचे में कुछ देर और रात होने का इंतजार किया तथा उसके बाद गेट के अंदर से ताला बंद होने के कारण छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और छत पर भी कुछ देर और इंतजार करने के बाद 11 बजे रात्रि घर में उतर कर माता-पिता के कमरे में पहुंचा और पिता भगवती प्रसाद पर चाकू से हमला किया। आहट में मां जाग गई तो रोकने के कारण उसके गले पर चाकू से जोरदार प्रहार किया और वह वहीं गिर गई, पिता धक्का देकर भागे तो गैलरी में आकर फिर उन पर प्रहार किया। इसी बीच बुआ भी जाग गई और पास आई तो उन पर भी प्रहार किया फिर पिता भागे तो घर में रखे कुल्हाड़ी से भी प्रहार किया। पुन: धक्का देकर भगवती प्रसाद छत के रास्ते किसी तरह घर के बाहर निकल गए और चिल्लाने पर गांव वाले बाहर आ गए। इसी बीच संदीप ने गुमराह करने के लिए अपने ऊपर भी हल्की फूलके छोटे घाव बना ली। पिता ने तत्समय पुत्र मोह में व बुआ ने भी मोह व भय वश गांव वालों को संदीप के बारे में नहीं बताया। संदीप ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया।


पूछताछ में पिता भगवती प्रसाद, बुआ उर्मिला से तथा ससुराल से संदीप के वापस आने पर किसी को जानकारी ना होना तथा घटना की परिस्थितियां वह ताला बंद गेट के अंदर घर में संदीप का प्रवेश अन्य भौतिक व सहयोगी साक्ष्य के आधार संदीप का जुर्म प्रमाणित होने पर पूछताछ पर प्रश्नों का उत्तर नहीं दे पाया और टूट गया तथा पुरा घटना क्रम बता कर घर में छिपाकर ऱखा गया आलाकत्ल दिया। घटना के अनावरण में थाना चील्ह प्र0नि0 प्रणय प्रसून श्रीवास्तव, व0उ0नि0 बृजनाथ यादव, उ0नि0 रामप्रताप य़ादव, का0 उदय नाराय़ण यादव, का0 हरिशचन्द्र, प्रभारी स्वाट टीम उ0नि0 रामस्वरूप वर्मा, उ0नि0 जयदीप सिंह, का0 राजेश यादव, का0 भूपेन्द्र सिंह, का0 बृजेश सिंह, का0 राज सिंह राणा, का0 विरेन्द्र सरोज, का0 संदीप राय, सर्विलांस टीम के का0 नितिन सिंह, का0 मिथिलेश यादव व का0 आशुतोष सिंह तथा एस0ओ0जी0 टीम के प्रभारी प्र0 नि0 विनोद कुमार यादव, का0 लालजी यादव, का0 अजय यादव का योगदान सराहनीय रहा। घटना का अनावरण कर गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रूपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। 


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