Mirzapur : जेल में शीघ्र स्वस्थ होने के लिए पॉजीटिव मरीज कर रहे भजन-कीर्तन


कोरोना के चलते बना चुनार का अस्थाई जेल है तक तकनीकी संस्थान


2 कैदियों ने भागने की तकनीक का लिया लाभ


जेल में बंद सभी 42 महिलाएं स्वस्थ हैं


रिपोर्ट : सलिल पांडेय


मिर्जापुर, (उ०प्र०) : कोरोना ने जेल परिसर में अपनी आढ़त क्या खोली कि जेल सुर्खियों में आ गया । हर पल जिले की नजर जेल पर टिकी है कि कोरोना के आढ़त में क्या घट-बढ़ रहा ? कोरोना किसको तौल रहा है और किसको छोड़ रहा है।


हारमोनियम-तबले पर कर रहे कोरोना मरीज स्वस्थ होने के लिए भजन-कीर्तन : दो दिनों के बीच 172 (मंगलवार 74+बुधवार 98) मरीजों में भय और हीनता का भाव दूर करने के लिए इन मरीजों के पॉजीटिव होते हारमोनियम, तबला, ढोल-मजीरा की व्यवस्था की गई है ताकि मरीज भजन-कीर्तन से अपना आत्मबल मज़बूत कर सकें । कोरोना मरीज में आत्मबल बनाए रखना जल्द स्वस्थ होने का माध्यम बताया जा रहा है।


महिला-बंदी सभी स्वस्थ : जेल में इन दिनों बच्चे तो एक भी नहीं है। सात थे, वे कुछ दिन पहले छूट गए थे पर 42 महिलाएं जरूर बंद है, वे सभी स्वस्थ हैं। इनमें कोई लक्षण नहीं दिखा कोरोना का। हलांकि इनका टेस्ट होना बाकी है।


परिस्थितियों का लाभ उठाया चुनार अस्थाई जेल के 2 कैदियों ने : 29/30 जुलाई की रात चुनार में बने राजकीय पालीटेक्निक के अस्थाई जेल से दो वाहन चोर भाग गए। यह जेल कोरोना की मजबूरियों के चलते बनाया गया है। इसमें जेल जैसी न व्यवस्था है और न चहारदीवारी। अभी तक जितने लोग पकड़े जाते थे, वे सीधे नौ लाख की हवेली कहे जाने वाले जेल में लाए जाते थे परंतु कोरोना के चलते पहले इनका टेस्ट पुलिस कराती है। निगेटिव आने पर भी 14 दिन इस अस्थाई जेल में कैदी रहते हैं। पाजिटिव होने पर L-1 कोरोना हॉस्पिटल भेजे जाने की व्यवस्था है। यह जेल नहीं तकनीकी शिक्षण संस्थान है। इसका लाभ उठाकर दोनों ने भागने की तकनीक अख्तियार कर ली।


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