Mirzapur : भगवान के रूप में घर-घर पहुंची टीबी की जांच टीम


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : लाकडाउन में घर-घर जाकर 1076 टीबी के मरीजों का चिहांकन किया गया। लाभार्थियों ने टीबी जांच दल की सराहना की, सभी का इलाज चल रहा है। 


इन्हीं मरीजों में एक मरीज ने बताया कि, मेरा नाम विनोद कुमार कन्नौजिया है। मैं बाउण्डर गांव का रहने वाला हूं। मुझे कई महीनों से बुखार और खांसी आ रही थी। लाकडाउन के समय एक दिन मैं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर गया। जहां चिकित्सकों ने मुझे कोरोना और टीबी जांच कराने की सलाह दी। मैने निसंकोच अपना इलाज कराया और अब आज मैं बिल्कुल स्वस्थ्य हूं। लाकडाउन में जब सब कुछ बंद था तब ये टीबी विभाग वाले मेरे लिए भगवान बनकर आए। उस समय मेरा इलाज न शुरू हुआ होता तो शायद अब तक मैं जिंदा ही नहीं बचता।


वहीं दूसरी मरीज सुल्ताना बताती है कि, मेरा घर अमानगंज गैवीघाट है। मुझे महीनों से बुखार आ रहा था। लाकडाउन में एक दिन टीबी की जांच करने वाले आए। बोले, घर-घर जांच की जा रही है। आप लोग भी अपने बलगम का सेंपल दीजिये। मेरे पति की जांच की गई तो बताया कि टीबी है। फिर इनको अस्पताल में भर्ती कर दिया। आज वह एकदम ठीक हैं।


केस 1 और केस 2 जिले के टीबी मरीजों की बानगीभर है। लाकडाउन के दौरान जिले में घर-घर जाकर ऐसे 1076 टीबी के मरीजों का चिहांकन किया गया और आज सभी का इलाज चल रहा है। यह कहना है जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एलएस मिश्र का।


उन्होने बताया कि इस समय लोग जहां इलाज कराने से घबरा रहे हैं। वहीं विभाग ने कोरोना मरीजों के बीच से टीबी मरीजों को खोजा है। कोरोना में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना व टीबी के लक्षणों के विषय में विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया है। चिन्हित मरीजों को नियमित रूप से दवाइयां दी जा रही हैं। टीबी का इलाज जिले के हर स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। टीबी रोगी जिला अस्पताल जाकर अपना इलाज करा सकते हैं।


जिला कार्यक्रम समन्वयक संन्ध्या गुप्ता ने बताया कि लाकडाउन के दौरान भी क्षय रोग की टीम ने 1243 मरीज खोजे हैं। वहीं वर्ष 2019-20 के दौरान 1527 टीबी मरीजों को चिन्हित किया जा चुका है। सभी मरीजों को रुपये 500 के हिसाब से लगभग 8 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं।


टीबी के लक्षण : 



  • खांसी दो हफ्ते से अधिक दिन तक आना

  • शाम को ठंड के साथ तेज बुखार आना

  • सीने में दर्द होना और भूख नहीं लगना

  • वजन घटना और खांसी में खून आना

  • बच्चों को बार-बार सर्दी-खांसी होना


लक्षण दिखे तो योजना का लाभ उठायें :


लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य उपकेंद्र, पीएचएस या सीएचसी पर संपर्क करें। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरकार की तरफ से पूरे जनपद में हर क्षय रोगी की मुफ्त जांच और उसके मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। क्षय रोगी की जांच जिलास्तर पर ट्रू नॉट मशीन के जरिये की जा रही है। जांच के 40 मिनट के बाद ही इसकी रिपोर्ट मिल जाती है। साथ इलाज के दौरान हर मरीज को विशेष खानपान के लिए रुपये 500 प्रतिमाह उसके खाते में भेजे जाते हैं।


यह न करें :



  • लक्षण पता चलने के बाद जांच में लापरवाही न करें

  • टीबी की दवा निश्चित अवधि तक नियमित रूप से लें

  • किसी भी रूप में अपनी दवा अनियमित नहीं होने दें

  • सदैव थूकदान या फिर वश्वेशिंग का ही उपयोग करें

  • खांसते या छींकते समय मुंह पर रूमाल अवश्य रखें


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