Mirzapur : अब प्रवासी व उनके परिवार के सदस्यों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ 


470 प्रवासियों का बनाया जा रहा गोल्डनकार्ड


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा 


मिर्जापुर, (0प्र0) : कोरोना-19 के इस दौर में प्रदेश व जिले में आने वाले प्रवासियों व उनके परिवार के सदस्यों को अब आयुष्मान गोल्डनकार्ड बनाया जा रहा है। इस विषय पर जिले स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है।


जिला कार्यक्रम सूचना प्रबन्धक राहुल मिश्र ने बताया कि शासन से विभाग को 500 से भी अधिक लाभार्थियों की सूची भेजा गया है। जिनका आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है। इन प्रवासियों के प्रत्येक सदस्य का ईलाज इस योजना में पैनल अस्पतालों में मिलेगी। इस योजना के तहत 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अलावा 186 सबसेन्टरों पर कैम्प लगाकर कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। जिले में आने वाले प्रवासी के मोबाइल नं0 पर आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी पंजीकृत अस्पतालों में नियुक्त आरोग्य मित्र के माध्यम से फोन करवाने का कार्य किया जा रहा है।


परामर्शदाता आयुष पाण्डेय ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड के लाभार्थी सपरिवार अपने घर के नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आकर अपना कार्ड बनवा सकते है। इसके अलावा मंडलीय चिकित्सालय पुरूष व महिला में कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है।


मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 ओ0पी0 तिवारी ने बताया कि इस समय जनपद के 36 निजी चिकित्सालयों व 54 सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्ड बनाने के साथ सारी सुविधायें दी जा रही है। जिलेे के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों व प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि जुलाई माह के अंत तक सभी प्रवासियों का कार्ड बनवा दिया जाये। अभी तक जिले के सभी निजीध्राजकीय अस्पतालों में 3448 मरीज भर्ती हुए। जिसमें से अस्पतालों में 3208 मरीजों का उपचार किया गया। अब तक सम्बन्धित अस्पतालों को 3,23,00331 रूपया दिया जा चुका है।    


कैंसर पीड़ित पांच वर्षीय बालक का बना गोल्डन कार्ड


जिलाधिकारी सुशील कुमार सिंह की संवेदनशीलता के बाद सीएमओ डाॅ ओ0पी0तिवारी ने जिगना थाना क्षेत्र निवासी दिहाड़ी मजदूर मुटूनू के ब्लडकैंसर से पीड़ित पांच वर्षीय पुत्र विपिन का एक घण्टे के अन्दर ही गोल्डेन कार्ड बनवा दिया। कैंसर से पीड़ित बालक के पिता ने अपनी व्यथा बताकर गोल्डेन कार्ड बनाये जाने की जिलाधिकारी से गुहार लगायी। डीएम को जब यह पता चला कि उसका उपचार इलाहाबाद में चल रहा है और बेहतर इलाज के लिये लखनऊ के लिए रेफर किया जा चुका है। पीड़ित बालक का पिता मजदूरी करता है और उसका चाचा विकलांग है। मजदूरी के अलावा उसके पास आय का कोई दूसरा स्रोत नही है। धनराशि के अभाव में कैंसर से पीड़ित बालक का उपचार सम्भव ही नहीं है। लाभार्थियों की सूची में परिवार के मुखिया व परेशान श्रमिक का नाम देखकर डिस्ट्रिक्ट इन्फार्मेशन सिस्टम मैनेजर राहुल ने प्रयास कर तत्काल कार्ड बनवा दिया। जिससे अब वह राहत महसूस करना प्रारम्भ कर दिया है।


आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क कूल्हे का आपरेशन


समाचार पत्र विक्रेता के लिए आयुष्मान कार्ड बहुत बड़ा सहारा बन गया। पिछले दिनों हुई बारिश में फिसल कर गिरने से उसके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। आयुष्मान कार्ड होने के कारण निःशुल्क सफल आपरेशन करके चिकित्सकों ने उसे चलने योग्य कर दिया। इससे परिवार के लोगो में खुशी का माहौल है। नगर के महुवरिया निवासी 70 वर्षीय रमाशंकर समाचार पत्रों को बेचकर ही परिवार का भरण पोषण करता था। लेकिन कूल्हे की हड्डी टूटने पर वह एक जगह होकर रह गये थे। परिवार की माली हालत भी बहुत अच्छी नही है कि आपरेशन करा सके। केन्द्र सरकार की ओर से प्रदत्त आयुष्मान कार्ड के जरिये निःशुल्क कूल्हे का आपरेशन होने से रमाशंकर अब सहारे से चलने लगा है। आपरेशन तहसील चैराहा स्थित सीता हास्पिटल में डा0 पाठक ने किया।


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