Mirzapur : आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरक्षों के नियमों के साथ डोर-टू-डोर पहुंचा रही स्वास्थ्य संदेश 


रिपोर्ट : टी0सी0विश्वकर्मा


मिर्जापुर, (0प्र0) : कोविड-19 के इस विषम परिस्थिति में जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शून्य से 6 वर्ष तक के किशोर व गर्भवती व धात्री महिलाएं और किशोरियां कुपोषण के चपेट में न आने पाएं इसके लिए बाल विकास एव पुष्टाहार पोषाहार के वितरण के साथ ही साथ उनको जागरूक करने का भी काम कर रही है। इसके अलावा समुदाय के लोगो को वाट्सप के माध्यम से भी स्वास्थ्य संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।


बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए विभाग ने 2668 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लगाने का कार्य किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्टाहार के साथ कोरोना सम्बन्धी जागरूक करना, आरोग्य सेतु एप को लाउनलोड कराना व सभी को न्शिुल्क मास्क का वितरण कराने साथ अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन कर रही है। कोरोना वायरस से बचने के लिए इस समय जिले के आम आदमियों की गतिविधियां पूरी तरह सरकार व जिले के विभिन्न विभाग के कर्मचारी लोगो को दरवाजे तक मदद पहुंचाने का हर सम्भव प्रयास कर रहे है।


बच्चों को कोरोना के समय लुभाये और कुपोषण भगाये


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांति त्रिपाठी के मुताबिक इस कोरोना के दौरान में महिलाये अपने घरो-घरों में ही तरह-तरह के व्यजन बना सकती है। जैसेः- लड्डू हलवा, नमकीन व दलिया आदि। इस चीजों में मूंगफली, गुड़, घी, मौसमी सबिजयां आदि चीजों को डालकर उसकी पौष्टिता को चार गुना बढ़ाये जाने का कार्य किया जा सकता है।


विभाग के द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इन व्यजनों के विषय में महिलाओं को बताने का कार्य किया जा रहा है। कोरोना के इस दौर में लोगो घरों के बाहर जाकर सेवाओं को नही ले पा रहे है। इस परिस्थिति में यदि घरों में महिलाये इस प्रकार के व्यजनों को बनाने का कार्य करें तो उन्हें घर पर ही कोरोना वायरस से लड़ने में उन्हें घर पर ही सुरक्षा कवच मिल जायेगा। इस परिस्थिति में बच्चों को लुभाने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और कुपोषण मिटाने में अत्यन्त मददगार साबित होगी।


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