गुजरात सरकार ने अस्पतालों में होम्योपैथिक के प्रयोग के लिए जारी किया सर्कुलर - डॉ0 खुराना


रिपोर्ट : नितिन अवस्थी


मिर्जापुर, (उ0प्र0) : होम्योपैथी विश्व की सबसे बड़ी दूसरी चिकित्सा पद्धति है जिसे एलोपैथिक के बाद सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। आज ही की तरह 1918 में जब स्पेनिश फ्लू महामारी पूरे विश्व में फैला था जिसमें 30- 40% लोग मर जाते थे । होम्योपैथिक इलाज में मृत्यु दर मात्र 2% का  प्रदर्शन करके  होम्योपैथी ने पूरे विश्व में उस समय से आज तक लगातार लोकप्रियता हासिल कर रही है।उक्त उद्गार डॉ हैनिमैन के पुण्यतिथि पर आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में मुख्य अतिथि के रूप में सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होम्योपैथी भारत सरकार के महा निदेशक एवं केंद्रीय होम्योपैथिक परिषद के निदेशक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल खुराना ने व्यक्त किया। 


डॉ० खुराना ने कहा कि कोविड-19 के बचाव के लिए आर्सेनिक एल्बम-30 देश में लाखों खुराक बांटी गई एवं लोगों द्वारा व्यक्तिगत खाई जा चुकी हैं। महाराष्ट्र पुलिस, दिल्ली पुलिस, दिल्ली के तीनों कारागार, शील्ड हॉटस्पॉट एवं क्वारंटाइन सेंटर में होम्योपैथी दवाई बांटकर उसके परिणाम इकट्ठे किए जा रहे हैं । जो 15 दिन के बाद सार्वजनिक हो जाएंगे । अब तक के परिणाम बहुत ही अच्छा एवं उत्साहवर्धक है। इन परिणामों से प्रेरित होकर गुजरात सरकार ने अपने सभी अस्पतालों में अन्य चिकित्सा पद्धति के साथ होम्योपैथिक  के प्रयोग के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है।


डॉक्टर खुराना ने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वयं आर्सेनिक एल्बम 30 लें एवं लोगों को प्रेरित करें तथा आयुष मंत्रालय के संजीवनी ऐप में वे अपने अनुभव साझा भी करें । अब तक 40 लाख लोगों के अनुभव आ चुके हैं।


राष्ट्रीय वेबीनार के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ गणेश प्रसाद अवस्थी ने बताया कि होम्योपैथिक  चिकित्सा पद्धति अपने देश की एक मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति है। जिसमें 195 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज,43 होम्योपैथिक पी जी कॉलेज 24 अनुसंधान केंद्र, चार सौ से अधिक होम्योपैथिक औषधि  निर्माता कंपनियां तथा तीन लाख से अधिक पंजीकृत होम्योपैथिक  चिकित्सक है । कहा कि गुजरात की ही तरह अन्य प्रांतों में कोविड-19 मरीजों के इलाज में होम्योपैथी को साथ साथ चलाने पर जोर दिया । इससे मृत्यु दर  न्यून से शून्य किया जा सकता है।


वेबीनार में कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ होम्योपैथी के डायरेक्टर डॉ० सुभाष सिंह ने कहा कि बदलते परिवेश में मानसिक तनाव, गलत जीवनशैली, अत्यधिक औषध प्रयोग से उत्पन्न  कृत्रिम बीमारियों के साथ- रोज रोज नए बीमारियों से बचाव के लिए होम्योपैथी एकमात्र सर्व सुलभ चिकित्सा पद्धति है।


आरोग्य भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ बीएन सिंह ने कहा कि शीघ्र ही होम्योपैथिक नोशोड जो वैक्सीन की तरह ही काम करेगा।


वेबीनार में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ अशोक ने  होम्योपैथी के श्रेष्ठता पर प्रकाश डाला


वेबीनार में सी सीआर एच के पूर्व असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ0ए0के0 गुप्ता ,एल0बी0एस मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ0 एच0सी0राय,आरोग्य भारती के क्षेत्र संयोजक गोविंद जी, दिल्ली के डॉक्टर मनीष भरतीया, डॉ0 संजय सिंह, डॉ0 विपुल नारायण, संस्कार भारती के क्षेत्रीय प्रमुख सनातन जी, कृष्ण मोहन गोस्वामी , डॉ0 संदीप श्रीवास्तव डॉ0अजय कुमार राय, डॉ सीमा डॉ मनीष, डॉ 0 गीता खन्ना प्रोफेसर प्रमोद कुमार ,योग आचार्य प्रमोद अग्रवाल, डॉक्टर जी एस  दुबे आज विशेष रूप से उपस्थित थे।


वेबीनार का शुभारंभ आरोग्य भारती कानपुर के प्रांतीय सचिव अनोखेलाल पाठक के धन्वंतरी वंदना, संचालन डॉक्टर बी एन आचार्य, अध्यक्षता डॉ बीएन सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन कानपुर प्रांत के अध्यक्ष सुनील बाजपेई ने किया ।


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