देश की पोलिस का उपकार देश की जनता कभी नहीं भूल पाएगी


ये है सकारात्मक सोच " POLISE MAY I HELP YOU "


रिपोर्ट : हार्दिक हुँड़िया


रोज सोचता हूं की उपकारी पोलिस के बारे में लिखू ? लेकिन आज देश पर पोलिस का जितना उपकार है, शायद ये कोरोंना के काल में किसी का नहीं है। सोचता हूं की कहा से लिखने की शुरुआत करूँ ? क्या लिखू ? कैसे लिखू ? जब क़लम उठाता हूं तो ये सब सवाल पैदा होता है और क़लम चलने का नाम ही नहीं ले रही है। फिर क़लम को कहा कि देश की पोलिस का देश की जनता पे ये कोरोंना के क़हर में जो इन्होंने काम किया है वो काम किसी ने नहीं किया ? जबकि ये रोग से इनका कोई वास्ता भी नहीं था ? वो भी चाहते तो हमारी तरह घर बैठ सकते थे ? डॉक्टर हो तो उनकी फ़र्ज़ है की कोरोंना के दर्दी को सारवार देकर ठीक करे, क्यूँकि कोरोना एक रोग है और रोग की दवा डॉक्टरो ने अपनी जान जोखम में डाल कर दर्दीओ की बचाई है। लेकिन पोलिस को हम ये समय में नम्बर 1 अनमोल कार्य के लिए जितने भी साधुवाद दे इतने कम है।


देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश की जनता को लोकडाउन में अपील करी की कोई बाहर ना निकले, लोग महीना से ज़्यादा घरों में रहे। विश्व कोरोंना रोग से लड़ रहा है तो हमारे देश की परिस्थिति भी बहुत ही विकट है। देश की पोलिस ने ना परिवार देखा, ना शरीर, ना गरमी, ना ठंडी, ना रात देखी ना दिन देखा, अपनी फ़र्ज़ निभाते रहे, देखा तो सिर्फ़ देश सेवा की देखी। कोरोंना संक्रमण इतना बढ़ गया था की कभी कोई पोलिस कर्मचारी कभी अपने घर खाना जाते थे घर के बाहर से खाना खाके आ जाते थे। अपने बच्चों तक गले लगाके प्यार नहीं कर पाते थे। लेडिस कोंस्टेबल अपने छोटे छोटे बच्चों को छोड़कर अपना फ़र्ज़ निभा रहे थे। घर में बच्चा माँ-माँ कर रो रहा है। हमने कई विदीयो ऐसी देखी है, कोई बच्चा अपनी मॉ से मिलने की ज़िद करता है तो उस बच्चे को पोलिस स्टेशन के बाहर दूर से दिखा के वापस घर लाना पड़ता है। उस समय बच्चे और माँ की ममता के कोई शब्द नहीं है, फिर भी सब एक तरफ़ देश सेवा एक तरफ़। धन्य है पोलिस भाईओ के साथ सभी पोलिस महिला अधिकारीओ को भी।


सोचो घर का एक इंसान कहता है की आज 1 महीना हो गया है। एक बार दुकान जा के देख के आऊं ? तब घर वाले कहते है की नहीं जाना है, बाहर गये और कुछ हो गया तो ? ज़िंदगी रहेगी तो सब कुछ कमा लेंगे। लेकिन बाहर गये और कोरोंना की चपेट में आ गये तो ? भयंकर डर का माहोंल बन गया है। ऐसे समय में सिर्फ़ देश के हर नागरिक की सेवा के लिये अपनी जान जोखिम में डालकर देश के हर जीवों की सेवा करने वाले हमारे उपकारी पोलिस भाई को जितना भी धन्यवाद दे इतना कम है। जहाँ भी ड्यूटी मिली वहाँ फ़र्ज़ निभाया, देश के हर राज्य के सीमा पर जहाँ पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है, ऐसी जगह पे भी अपना फ़र्ज़ लम्बे समय तक बिताया, सिर्फ़ हमारी और हमारी रक्षा के लिये। एक राज्य के एक नगर की एक महिला को देशी इलाज चल रहा था, उसको दूसरे राज्य से दवा लानी थी वो दवा सिर्फ़ वैधराज अपने हाथो से बना के देते थे और कही ये दवा मिलती नहीं थी। महिला के घरवालों ने पोलिस को बात बताई, धन्य है वो पोलिस भाई को उन्होंने वो परिवार के सदश्य को तो नहीं जाने दिया, लेकिन जहाँ ड्यूटी पर थे वहाँ से पोलिस वाले ख़ुद 40 किलोमीटर दूर अपनी मोटर साइकल पे जा के 80 किलोमीटर की सफ़र कर के दवा लाके दी। जब महिला के घर वाले ने उन्हें कहा साब इतने दूर जा के आप दवाई ले के आये, मेरे परिवार और मेरी माताजी पर आपका बहुत बड़ा उपकार है, आप का जाने आने का जो भी ख़र्चा आप बोलो मैं दे दूँ। धन्य है हमारे पोलिस भाई को उन्होंने कहा पोलिस भी आपके परिवार का एक हिस्सा है, आपके माताजी मेरे माताजी है, इनका कोई मोल नहीं भाई है। पोलीस का तो मूल मंत्र है " MAY I HELP YOU " । पोलिस की बात सुनकर आँखो में हर्ष के साथ जब देश का नागरिक अपने घर आया तब पूरे परिवार में ख़ुशी थी क्यूँकि कोरोंना में ना मिलने वाली दवा मिली । ऐसे तो कई क़िस्से देश में देखने को मिले होंगे।


हार्दिक हुँड़िया की देशवासीओ से दो हाथ जोड़कर विनती है की कोरोंना की महामारी ख़त्म हो जाये, तब देश के सभी नगरजनो अपने अपने एरिया के पोलिस स्टेशन में बेंड बाजे के साथ जाये, सभी पोलिस भाई का सम्मान करे, उनके साथ खाना खाये, उनके साथ पूरा दिन ख़ुशियाँ मनोरंजन के साथ बिताये, उनके साथ बात चित करे और यदि कोई पोलिस अधिकारी को कोई मदद की ज़रूरत है या हम कर सकते है तो दिल से तन, मन और धन से उनका साथ दे। कोरोंना के ये महाभयंकर संक्रमण में देश की पोलिस का हम सभी पे इनका इतना बहुत बड़ा उपकार है शायद हम कभी नहीं चुका पाएँगे ? कोरोंना के ये महाभयंकर समय में जो भी पोलिस भाईओ की जान गई उन सभीको भावपूर्ण श्रद्धाजलि। ये दुःख की घड़ी में पूरा देश आपके साथ है।


" हम ऋणी है आपके, हम है आप पर क़ुर्बान। कर रहे हो रक्षा देश की देकर अपनी जान ॥ "


हे जवान आप हो महान


Comments